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नोटबंदी के बाद अब इस चीज़ पर हुई सख्ती, व्यापारियों से लेकर आम जनता परेशान!

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जालोर

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rohit sharma

Nov 06, 2018

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जालोर ।

शहर समेत जिले भर में इस बार पटाखा व्यवसायियों के लिए दीपावली फीकी साबित हो रही है। शहर में भी एक्का-दुक्का दुकानों को छोड़कर कहीं भी तेजी जैसा माहौल तक नजर नहीं आ रहा है। खुद व्यवसायियों का भी कहना है कि पहले नोटबंदी ने व्यवसायियों की कमर तोड़ दी और इसके बाद दीपावली के त्योहार से पहले न्यायालय के आदेशों की सख्ती का असर पटाखों की बिक्री पर भी पड़ा है।

तिलक द्वार स्थित पटाखा व्यवसायी सुरेश लखारा ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण की समस्या को देखते हुए दीपावली पर रात 8 से 10 बजे तक आतिशबाजी करने के न्यायालय के आदेश सही हैं, लेकिन इससे बच्चे मायूस नजर आ रहे हैं। वहीं इससे पटाखों की बिक्री पर भी काफी असर पड़ा है।

पिछले साल की तुलना में करीब पचास फीसदी बिक्री में कमी आई है। इसी तरह हनुमानशाला स्कूल के सामने स्थित पटखा व्यवसायी संजय वैष्णव ने बताया कि रात दस बजे बाद आतिशबाजी पर रोक के आदेशों के चलते बिक्री प्रभावित हुई है। वहीं पटाखे खरीदने आए भागवा निवासी मूलाराम मेघवाल ने बताया कि न्यायालय के आदेशों की पालना होनी चाहिए। यह पर्यावरा संतुलन के लिए अच्छा है, लेकिन इसकी समयावधि एक घंटे और बढ़ाई जाती तो इससे बच्चे मायूस नहीं होते। वैसे ज्यादा धुआं छोडऩे वाले और बड़े पटाखे बड़े और युवा ही जलाते हैं। बच्चों को इस समय सीमा से छूट देनी चाहिए थी।

अकाल का भी असर इधर..

पटाखा व्यवसायियों ने बताया नोटबंदी और न्यायालय के आदेशों के साथ साथ इस बार कम बारिश के कारण जिले में बनी अकाल की स्थिति भी पटाखों की बिक्री प्रभावित कर रही है। व्यवसायियों ने बताया कि अकाल के चलते पटाखों के अलावा अन्य व्यवसाय भी प्रभावित हुए हैं। आदेश अच्छे हैं, पर बच्चे मायूस आतिशबाजी की समय सीमा निर्धारण को लेकर न्यायालय के आदेश एक तरह से अच्छे हैं। इससे वायु प्रदूषण भी कम होगा, लेकिन इससे बच्चे मायूस हो गए हैं। वहीं पटाखों की बिक्री भी प्रभावित हुई है। नोटबंदी के बाद ये आदेश पटाखा व्यवसायियों के लिए निराशाजनक हैं।

इस बार रोनक कम

नोटबंदी के बाद न्यायालय की ओर से पटाखे जलाने की समय सीमा रात दस बजे तक करने से बिक्री पर काफी असर पड़ा है। वहीं पिछले साल के मुकाबले इस बार लोगों का रुझान पटाखों के प्रति घटा है। उम्मीद के हिसाब से बिक्री काफी कम है।

- संजय वैष्णव, पटाखा व्यवसायी,


जालोर बच्चों के लिए छूट देनी थी...

ज्यादा धुआं छोडऩे वाले पटाखे बड़े और युवा ही जलाते हैं। जिनसे प्रदूषण अधिक होता है। बच्चों को इस समय सीमा से अलग रखकर इसका समय आधा-एक घंटा बढ़ाया जा सकता था। वैसे हमारी ओर से न्यायालय के आदेशों की पालना की जा रही है।

मूलाराम मेघवाल, खरीदार, निवासी-भागवा


जलता हुआ ड्रेगन देगा अण्डे...

बच्चों को आकर्षित कर रहे ड्रेगन, पॉपकोर्न, फोटो फ्लेश व मनीस्पाइनर जैसे पटाखे जालोर. शीर्षक देखकर आपको हैरानी जरूर होगी, लेकिन इस बार दीपावली त्योहार पर मार्केट में ऐसे पटाखे भी बिकने आए हैं जो लोगों को दंग कर देने वाले हैं। जी हां ड्रेगन बॉम्ब इस बार ही पटाखा मार्केट में नया आया है। इसकी विशेषता यह है कि यह जलने के बाद एक अण्डेनुमा चीज छोड़ेगा जो लोगों को गुदगुदाने के साथ उनका मनोरंजन भी करेगा। वहीं इसकी कीमत भी ज्यादा नहीं है। मार्केट में इस पटाखे की खास डिमाण्ड है। इसके अलावा पॉपकोर्न बॉम्ब व मनी स्पाइलर भी लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। इन्हें छोड़ते समय पॉपकोर्न व रुपए के सिक्कों जैसी आकृति दिखाई देगी। इसके अलावा भी मार्केट में इस बार 28 पॉवर शॉट, टीटू (अनार जैसा पटाखा), सायरन अनार, फोटो फ्लेश, मैजिक केण्डल, आई स्पिन, ट्विन्स और मिनी फ्लाई रोकेट भी बच्चों को काफी पसंद आ रहे हैं। शहर में ऐसी पटाखों की करीब पंद्रह से बीस पटाखे की दुकानें हैं। जहां इन पटाखों की बिक्री हो रही है।