निवेशकों के रुपए ऐंठकर क्रेडिट सोसाइटी संचालक भूमिगत

निवेशकों के रुपए ऐंठकर क्रेडिट सोसाइटी संचालक भूमिगत

Khushal Singh Bhati | Updated: 19 Jun 2019, 11:15:40 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

पिछले पांच साल बंद हुई 3 सोसाइटियां, कई संचालक गए सलाखों के पीछे लेकिन निवेशकों को नहीं मिल पाई राशि

भीनमाल. अपनी मेहनत की कमाई क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटियों में जमा करना अब निवेशकों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। निवेशकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ का लालच देकर निवेशकों से रुपए ऐंठकर सोसाइटी संचालक कई सालों से भूृमिगत है। एकाध सोसाइटी के संचालक को भले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया, लेकिन निवेशक पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अपनी गाढ़ी कमाई वापस मिलने का इंतजार ही कर रहे हैै। क्षेत्र में 2014 से 2019 तक करीब चार से पांच सोसाइटियों के कार्यालयों पर ताले लगे हुए है। इन सोसाइटियों में जमा करवाने वाले लोग अधिकांश हाथ थैले वाले व दिहाड़ी मजदूरी करने वाले श्रमिक है। सोसाइटियों के माध्यम से संचालकों ने सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगने का काम किया। इतना है कि लोगों ने पुलिस मुकदमे भी करवाए, कर्ई क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी संचालक सलाखों के पीछे भी गए, लेकिन लोगों की राशि लौटाना मुनासीब नहीं समझा। हैरानी की बात तो यह है कि लोगों ने राशि के लिए धरना-प्रदर्शन भी किए, लेकिन प्रशासन के आश्वासन के बाद भी लोगों को जमा करवाई राशि हाथ नहीं लगी है। अपने सोसाइटियों में जमा करवाने वाले लोग अपने आप को ठगा-सा महसूूस कर रहे है। प्रशासन की ओर से सोसाइटी संचालकों से लोगों की जमा राशि वसूलने की कार्रवाई भी अभी ठण्डे बस्ते में है। पांच साल पूर्व सोसाइटियों के जाल में फंसे लोग बार कलक्टर, एसडीएम व तहसीलदार से राशि लौटाने की मांग भी करते है, लेकिन उन्हें महज आश्वासन भी मिला है। लोगों का कहना है कि अपने मकान बनाने, बेटी-बेटे की शादी के लिए गाढ़ी कमाई सोसाइटियों में जमा करवाई, लेकिन अब जमा राशि के भी लाले पड़ रहे है। चार-पांच साल पूर्व भीनमाल शहर सहित बाकरा, रानीवाड़ा, मालवाड़ा, रामसीन, मोदरान, बागोड़ा, धुंबडिय़ा सहित कई गांवों से रिद्धि-सिद्धि, सर्वोदय व मारवाड़ अरबन कॉ-ऑपरेटिव तीन सोसाइटियों की दो दर्र्जन शाखाएं बंद हो गई थी।
अच्छे ब्याज व बोनस का दिया था झांसा
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में सोसाइटी संचालकों ने लोगों को अच्छेे ब्याज व अच्छा बोनस देने का झांसा देकर लोगों के करोड़ों रुपए जमा किए। लेकिन जब राशि लौटाने का समय आया तो सोसाइटियों के ताले जड़कर भाग गए। सोसाइटी संचालकों के खिलाफ पुलिस में मामला भी दर्ज करवाया, लेकिन सोसाइटी संचालक लोगों को कानूनी प्रक्रिया में उलझाकर राशि नहीं लौटा रहे है। सोसाइटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से अब लोग अपने आप को ठगा-सा महसूस कर रहे है। इन सोसाइटियों में गोल्ड, सिल्वर एफड़ी सहित विभिन्न योजनाओं में राशि को तीन, चार, पांच साल में दुगुना व तिगुना करने के दावे किए गए।
सर्वोदय के्रडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी 2014 में बंद
यह सोसाइटी चार-पांच साल तक संचालित होने के बाद 11.40 करोड़ रुपए लोगों के जमा कर 2014 में जिलेभर के शहरों में कस्बों से ताले जड़ दिए। इतना ही नहीं इन सोसाइटी संचालकों ने अपने चहेतों को बिना किसी वैराफाई गारंटी के करोड़ों रुपए के ऋण बांट दिए। इसके बाद यह सोसाइटी संचालक भूमिगत हो गए। रजिस्ट्रार विभाग की ओर से भी इन सोसाइटी की जांच होने के बाद भी कार्यवाही ठण्डे बस्तें में चल रही है। हालांकि विभाग की ओर से इसमें वसूली अधिकारी व कुर्की अधिकारी नियुक्त किए है। यह सोसाइटी भीनमाल, रानीवाड़ा, मालवाड़ा, करड़ा सहित कई कस्बों में भी शाखाएं थी।
रिद्धि-सिद्धि के्रडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी-2015 में बंद
यह सोसाइटी भी चार साल तक लोगों को ऊंचे ब्याजदर व बोनस का झांसा देकर लोगों के 1.28 करोड़ रुपए जमा कर जिलेभर की शाखाएं बंद कर दी। लोगों ने जमा राशि के लिए कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन भी किए, लेकिन अब तक लोगों को अपनी मेहनत की कमाई हाथ नहीं लगी है। इसमें सोसाइटी का संचालक जेल की सलाखों के पीछे गए, लेकिन लोगों की राशि नहीं डकारी। लोग भी अब भी अपनी राशि के मिलने का इंतजार कर रहे है। इस सोसाइटी की भीनमाल, मालवाड़ा, बाकरा रोड, मोदरान, तवाव, सियाणा, रामसीन व सिरोही जिले में भी शाखाएं थी।
मारवाड़-अरबन क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी-2015 में बंद
बाडमेर से पंजीकृत इस सोसाइटी भी शहर में तीन साल तक लोगों की जमकर राशि जमा की, लेकिन राशि लौटाने की बात आई तो रातो-रात सोसाइटी के तालेे जड़कर भाग गए। इन सोसाइटी में जमा करवाने वाले लोग खासकर कमजोर व गरीब तबके के लोग है। इतना ही नहीं सोसाइटी संचालकों ने कार्मिकों को भी अच्छा वेतन व बोनस देकर उनकी की राशि भी जमा कर डकार दी। इस सोसाइटी की समदड़ी, बालोतरा, गुड़ामालानी, सायला व बागोड़ा भी शाखाएं थी।
तीन साल से गाढ़ी कमाई का इंतजार
रिद्धि-सिद्धि के्रडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी में तीन साल पूर्व करीब 66 हजार रुपए जमा करवाएं। सोसाइटी संचालकों के खिलाफ पुलिस में मामला भी दर्ज करवाया। लेकिन तीन साल से अधिक समय गुजर गया, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभी तक गाढ़ी कमाई का इंतजार कर रहे है।
सुरेश वैष्णव, हाथ थैला संचालक
वसूली की कार्रवाई चल रही है
पांच साल पहले जिले में दो सोसाइटियां बंद हुई थी। जिनके खिलाफ वसूली की कार्यवाही चल रही है। रिद्धि-सिद्धि के्रडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी में वसूली अधिकारी नियुक्त है। जबकि सर्वोदय सोसाइटी में कुर्की अधिकारी नियुक्त है। शीघ्र ही सोसायटी की संपत्तियां व ऋण की वसूली कर लोगों को अनुपात में राशि बांटी जाएगी। इन सोसाइटी संचालकों के खिलाफ कार्यवाही के लिए जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को लेटर भी दे रखा है। वहीं वर्तमान में जिले में चल रही सभी सोसाइटियों की जांच करवाई जा रही है।
नारायणसिंह चारण, उप रजिस्ट्रार, सहकारिता समिति-जालोर

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