नेहड़ में लाखों की तादाद में पहुंची टिड्डी, प्रशासन रोकने में नाकाम

नेहड़ में लाखों की तादाद में पहुंची टिड्डी, प्रशासन रोकने में नाकाम
नेहड़ में लाखों की तादाद में पहुंची टिड्डी, प्रशासन रोकने में नाकाम

Dharmendra Ramawat | Updated: 05 Jul 2019, 10:18:55 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

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चितलवाना. नेहड़ के गांवों में टिड्डी के प्रवेश के साथ ही प्रशासन इसे रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। हवा के साथ ही लाखों की संख्या में टिड्डी का रुख क्षेत्र की ओर बढ़ता जा रहा है। उपखण्ड के सीमावर्ती गांवों में टिड्डी का दल पाकिस्तान से बाड़मेर व गुजरात के साथ ही नेहड़ के गांवों में भी प्रवेश कर चुका है। ऐसे में प्रशासन दवा का छिड़काव करने के बावजूद इसे रोकने में नाकाम नजर आ रहा है। इधर, प्रशासन को टिड्डी के क्षेत्र में प्रवेश करने की सूचना मिलने के बाद में टिड्डी नियंत्रण की टीम भी पूरे प्रयास करने में जुटी हुई है। वहीं टिड्डी के क्षेत्र में प्रवेश करने के साथ ही ग्रामीण व किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं।
बबूल बनी प्रशासन की बाधा
नेहड़ के गांवों में टिड्डी आने के बाद में प्रशासन की ओर से दवा का छिड़काव तो किया जा रहा है, लेकिन इसमें बबूल की झाडिय़ां रोड़ा बन रही है। टिड्डी नियंत्रक टीम की ओर से दवा का छिड़काव करने से बाद भी आगे से ज्यादा संख्या में टिड्डी पहुंच रही हैं। ऐसे में बबूल की घनी झाडिय़ों के कारण छिड़काव भी नहीं कर पा रहे हैं।
हवा के साथ बढ़ रही टिड्डी
नेहड़ के गांवों में आई टिड्डी हवा के साथ में पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर बढ़ रही है। ऐसे में दर्जनभर गांवों में टिड्डी का प्रकोप जारी है। नेहड़ के सीमावर्ती आकोडिय़ा से प्रवेश करने के बाद हाजीपुर, खेजडिय़ाली, कुकडिय़ा, रिड़का, जोरादर, मंडाली, शिवनगर व भवातड़ा सहित दर्जनभर गांवों में टिड्डी पहुंच चुकी है।
लाखों की संख्या में पहुंच रही टिड्डी
नेहड़ में टिड्डी का दल लाखों की संख्या में गांवों में पहुंच रहा हैं। ऐसे में गांवों में प्रशासन की ओर से दवा का छिड़काव करने के बावजूद टिड्डी की संख्या में कमी नहीं आ रही है। इसके लिए टिड्डी नियंत्रक दल भी पूरी कोशिश कर रहा है।
कृषि मंत्री ने वीसी के माध्यम से की टिड्डी नियंत्रण की समीक्षा
जयपुर. कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती जिलों में टिड्डी नियंत्रण को लेकर गंभीर है और हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए टिड्डी नियंत्रण के निर्देश दिए। कटारिया ने गुरुवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों के जिला कलक्टर्स, टिड्डी चेतावनी संगठन एवं कृषि अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र, टिड्डी दल पर निगरानी, सर्वेक्षण एवं प्रबंधन तथा नियंत्राण की समीक्षा कर निर्देशित किया। कटारिया ने बताया कि प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान की सीमा से सटे बाड़मेर और जैसलमेर जिले टिड्डी से ज्यादा प्रभावित है।जहां आठ हजार हैक्टेयर क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव कर टिड्डी नियंत्रण किया गया है। जालोर जिले में भी दो दिन पहले टिड्डी मिली थी। जिसे नियंत्रित कर लिया गया है। श्रीगंगानगर, बीकानेर एवं जोधपुर जिलों में अभी तक कहीं भी टिड्डी आने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन सीमा से लगते क्षेत्रा में टिड्डी होने के कारण इन जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
इनका कहना...
नेहड़ के गांवों में टिड्डी पहुंची है, लेकिन बबूल की घनी झाडिय़ां होने से टीम काम नहीं कर पा रही है। हवा के साथ टिड्डी भी बढ़ती जा रही है। अभी तक हालात पर पूर्णतया काबू नहीं पाया गया है।
- प्रेमाराम, तहसीलदार, चितलवाना

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