यहां रैली में मतदाताओं को 11 फरवरी को वोट देने का संदेश, एसडीएम ने बंद करवाया स्पीकर

यहां रैली में मतदाताओं को 11 फरवरी को वोट देने का संदेश, एसडीएम ने बंद करवाया स्पीकर
यहां रैली में मतदाताओं को 11 फरवरी को वोट देने का संदेश, एसडीएम ने बंद करवाया स्पीकर

Dharmendra Ramawat | Publish: Dec, 01 2018 11:00:00 AM (IST) | Updated: Dec, 01 2018 11:00:01 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

दुपहिया वाहनों पर तीन-तीन सवारी, अधिकांश बिना हेलमेट के

सायला. मतदाताओं को जागरूक करने के लिए इन दिनों हो रहे विभिन्न आयोजनों के दौरान यातायात नियम तोडऩे वाले लोगों के खिलाफ सरकारी मशीनरी कार्रवाई करने का रुबाब जरूर झाड़ती है, लेकिन जब सरकारी नुमाइंदे ही ऐसे आयोजनों में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हों तो विभागीय अधिकारी भी इन कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराते नजर आते हैं। अधिकारी और कार्मिक किस कदर यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं इसकी बानगी कस्बे में साफ नजर आई। दरअसल, आगामी 7 दिसम्बर को राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके मध्यनजर यहां के मतदाताओं को जागरूक करने के लिए कस्बे में शुक्रवार को वाहन रैली निकाली गई। रैली को सायला एसडीएम रमेशकुमार सीरवी ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली में सायला उपखण्ड क्षेत्र के सभी विभागों के कार्मिक शामिल थे। इस दौरान पुलिस के जवानों ने तो बाइक चलाते समय हेलमेट लगा रखे थे, लेकिन रैली में शामिल युवाओं व विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कार्मिकों ने ना तो हेलमेट पहन रखा था और ना ही किसी को नियम कायदों की परवाह थी। यही नहीं कई बाइक पर तो तीन तीन जने सवार थे। रैली कस्बे के स्टेडियम से रवाना हुई जो विभिन्न गली मौहल्लों व मुख्य मार्ग से कात्यायनी माता मंदिर जाकर विसर्जित हुई। मजे की बात तो यह थी कि राजस्थान में 7 दिसम्बर को विधानासभा चुनाव होने हैं, लेकिन सायला उपखण्ड प्रशासन यूपी में पिछले साल हुए 11 फरवरी के चुनावो की ऑडियो सीडी सुनाकर मतदाताओं को जागरूक कर रहे थे। स्टेडियम में जब रैली को एसडीएम हरी झण्डी दिखा रहे थे तो ऑटो रिक्शा में लगे लाउड स्पीकर के जरिए 7 दिसम्बर के बजाय 11 फरवरी के दिन वोट डालने का संदेश दिया जा रहा था। जब इस बारे में एसडीएम को पता लगा तो उन्होंने तत्काल लाउड स्पीकर बंद करवा दिया और ७ दिसम्बर के ऑडियो को प्रसारित करने की बात कही।
वे तोड़ते रहे नियम, एसडीएम देखते रहे
कस्बे के खेल मैदान से रवाना हुई मतदाता जागरुकता रैली को एसडीएम ने मुख्य दरवाजे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान दुपहिया वाहनों पर तीन-तीन जने सवार थे, वहीं कइयों ने हेलमेट तक नहीं पहने थे। इस तरह लोग नियम तोड़ते गए और एसडीएम ने सारा नजारा देखने के बाद भी नियमों की हिदायत नहीं दी। रैली के दौरान कार्मिकों को यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य था या नहीं इसका जबाब देने से एसडीएम भी कतराते रहे। वहीं रैली में शामिल कार्मिकों से बात करनी चाही तो वे भी इससे बचते नजर आए।
सभी विभागों के कार्मिक थे शामिल
कस्बे में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे निकाली गई इस मतदाता जागरुकता रैली सभी सरकारी विभागों के कार्मिक शामिल थे। इनमें से कई कार्मिक वाहनों पर सवार थे, जिन्होंने यातायात नियमों की खुलकर अवहेलना की।
जवाब नहीं दे पाए एसडीएम
मतादाता जागरुकता रैली के दौरान ट्राफिक नियमों की अनदेखी और 11 फरवरी को मतदान का संदेश देने से संबंधित जब एसडीएम रमेशकुमार सीरवी से बात करनी चाही तो उन्होंने इससे अनभिज्ञता जताते हुए फोन काट दिया। इसके बाद दोबारा जब उन्हें फोन लगाया तो उन्होंने रिसीव ही नहीं किया।

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