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सुंधा माता रोप-वे पर मनमानी प्रशासन को दिख नहीं रही

पूछने पर श्रद्वालुओं से करते है दुव्र्यहार, मनमानी से रोप वे संचालक वसूल रहे है किराया
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जालोर

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Khushal Singh Bhati

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Updated: 2 Jan 2020, 9:43 AM IST

पूछने पर श्रद्वालुओं से करते है दुव्र्यहार, मनमानी से रोप वे संचालक वसूल रहे है किराया

पूछने पर श्रद्वालुओं से करते है दुव्र्यहार, मनमानी से रोप वे संचालक वसूल रहे है किराया

भीनमाल. सुंधापर्वत पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल सुंधामाता में रोप संचालक की ओर एक ओर तो किराए में मनमानी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर श्रद्वालुओं के पूछने पर रोप-वे स्टॉफ उनसे दुव्र्यहार पर उतर आते हैै। रोप-वे में 110 सेमी तक के बच्चों का टिकट निशुल्क है। लेकिन रोप-वे स्टॉफ की ओर से 110 सेमी के बच्चों के भी टिकट वसूल रहे है। तीर्थ स्थल पर रोजाना सैकड़ो श्रद्धालु माता के दर्शनार्थ पहुंचते है। ऐसे में रोप-वे संचालक की मनमानी व स्टॉफ के रूख से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। श्रद्वालु कई बार इसकी शिकायत ट्रस्ट में करते है। ट्रस्ट ने भी कई बार प्रशासन को संचालक की मनमानी के बारे में ज्ञापन के द्वारा व मंदिर में दर्शनार्थ पहुंचने पर अधिकारियों को भी अवगत करवाया, लेकिन प्रशासन की ओर से संचालक के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं होती। ऐसे में संचालक मनमानी से श्रद्वालुओं से किराया वसूली कर रहे है।
सुविधाएं कम वसूली पूरी
रोप-वे संचालक की ओर से वसूली तो पूरी की जा रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर मात्र आठ दस कुर्सीयां लगा रखी है। रोप-वे पर न तो प्रतिक्षालय है न ही सुलभ शौचालय। ऐसे में नवरात्री व अन्य दिनों में श्रद्वालुओं को घंटे खड़े रह रोप-वे में चढऩे के लिए इंतजार करना पड़ता है। प्रवेश व निकास वाले स्थान पर सुलभ सुविधाएं भी नहीं होने से खासकर महिला यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पडती है। इतना ही नहीं यात्रियों के लिए पीने के पानी तक की सुविधा के नाम पर मात्र एक मटकी रखी हुई है।
किराए को लेकर मनमानी
रोप वे से जाने के लिए संचालक की ओर से टू वे का किराया 130 रुपए वसूले जा रहे हैं, इस हिसाब से एक तरफा किराया 65 रुपए होता है जबकि संचालक वन वे के लिए 106 रुपए वसूल रहे हैं। हर साल संचालक की ओर से किराए में मनमर्जी से बढ़ोत्तरी कर दी जाती।
रिपोर्ट मांगी है
किराये का निर्धारण जिला कमेटी की ओर से होता है। रोप-वे का हर माह नियुक्त अधिकारी की ओर से निरीक्षण होता है। रोप-वे संचालक से निरीक्षण के बारे में रिर्पोट मांगी है। किराये के बारे में बात करेंगे।
पुष्पाकंवर सिसोदिया-उपखण्ड अधिकारी, जसवंतपुरा