जमानत मिलते ही अगले दिन सभापति ने क्या कहा-पढ़ें पूरी खबर

जमानत मिलते ही अगले दिन सभापति ने क्या कहा-पढ़ें पूरी खबर
जमानत मिलते ही अगले दिन सभापति ने क्या कहा-पढ़ें पूरी खबर

Dharmendra Ramawat | Publish: Jul, 12 2019 10:41:39 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

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जालोर. नगरपरिषद में भाजपा बोर्ड के कार्यकाल का यह अंतिम साल है और चुनाव में कुछ ही महीने रह गए गए हैं। बोर्ड के इस पांच साल के कार्यकाल में सिर्फ ६ बार ही साधारण बैठकें हो पाई हैं और इस आखिरी साल में सभापति की गैरमौजूदगी के चलते अब तक बैठक नहीं हो पाई है। अब सीजेएम कोर्ट से जमानत मिलते ही गुरुवार को सभापति भंवरलाल माली नगरपरिषद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नगरपरिषद की विभिन्न शाखाओं से जुड़े अटके हुए कामकाज भी निपटाए। बाद में पत्रिका से विशेष बातचीत के दौरान कहा कि बोर्ड का आखिरी साल व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। बचे-खुचे महीनों में साधारण बैठक बुलाने के साथ-साथ आमजन के रुके हुए कार्यों को भी प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। हालांकि बीते साढ़े चार साल में शहर के करीब-करीब सभी वार्डों में सीसी सड़कें, नालियां व मुख्य मार्गों पर नालों समेत कई काम हुए हैं, लेकिन बैठकें कम होने के कारण शहर के विकास के मुद्दों पर ठोस प्रस्ताव नहीं ले पाए। अब बोर्ड के आखिरी कार्यकाल में बैठक कर इस पर भी ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
दो माह में एक बार बैठक जरूरी
नियमों की बात करें तो 60 दिन में एक बार के हिसाब से इन साढ़े चार साल में 27 बार नगरपरिषद की साधारण बैंठकें होनी चाहिए थी, लेकिन 60 दिन में एक बार तो दूर औसतन 250 से 300 दिन में एक बार बैठक बुलाई गई है। ऐसे में नगरपरिषद बैठकों के अभाव में ना तो आय के स्रोत बढ़ाने पर कोई ठोस कदम उठाए गए और ना ही शहर के विकास जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय हो पाए।
दिसम्बर 2014 में बना था बोर्ड
गौरतलब है कि भाजपा का बोर्ड दिसम्बर 2014 में बना था। इस बोर्ड को बने साढ़े चार साल से ज्यादा का समय बीत चुका है और वर्ष 2018 में बोर्ड की अंतिम और छठी साधारण बैठक बुलाई गई थी। इसके बाद से लेकर अब तक एक बार भी साधारण सभा की बैठक नहीं हो पाई। अब इसी साल नवम्बर माह में चुनाव होने हैं और इसके कुछ समय पहले आचार संहिता भी लग जाएगी।
नहीं बनी कोई ठोस नीति
बोर्ड के साढ़े चार साल के कार्यकाल की बात करें तो इस दौरान नगरपरिषद की आर्थिक हालत सुधारने के लिए आय के स्रोत बढ़ाने बेहद जरूरत थी, लेकिन इसको लेकर भी कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। इसके अलावा सुंदेलाव तालाब का सौंदर्यकरण, सिटी पार्क, हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी, शहर में सुव्यवस्थित कॉलोनियां, सुदृढ़ सफाई व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं, पार्किंग स्थलों का विकास व आयोजन स्थलों का निर्माण जैसी कवायद भी बैठकों के अभाव में सिरे नहीं चढ़ पाई।
आधे शहर को नहीं दे पाए सीवरेज
नगरपरिषद में भाजपा के इस बोर्ड को 4 साल छह माह पूरे हो चुके हैं, लेकिन आधे शहरवासी आज भी सीवरेज सुविधा से वंचित हैं। इसके लिए परिषद सर्वे जरूर करवा चुकी है। मगर शहर की कई कॉलोनियों में दूसरे चरण में होने वाला सीवरेज का यह काम शुरू नहीं हो पाया। अब महंगाई बढऩे से इसका बजट भी कई गुना बढ़ जाएगा।
कब-कब हुई साधारण बैठकें
वर्ष 2015 व 2016 में नगरपरिषद की कुल ४ बार साधारण बैठकें हुईं। इसके बाद वर्ष 2017 में 1 और 2018 में भी सिर्फ एक बार ही नगरपरिषद की साधारण बैठक हुई। इसके अलावा 8 जून 2018 को सभापति ने अति आवश्यक बैठक जरूर बुलाई थी, लेकिन यह साधारण बैठक नहीं थी। इस तरह भाजपा का बोर्ड बनने के बाद से लेकर अब तक महज 6 बार ही साधारण बैठक हो पाई है।
जल्द ही बुलाएंगे बैठक
बोर्ड के अंतिम कार्यकाल पूरा होने में कुछ महीने ही रहे हैं। इसको देखते हुए जल्द ही साधारण बैठक बुलाई जाएगी। जिसमें आमजन के रुके हुए कार्यों और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर अहम निर्णय लिए जाएंगे। इसमें सभी पार्षदों का सहयोग भी जरूरी है।
- भंवरलाल माली, सभापति, नगरपरिषद जालोर

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