जम्मू-कश्मीर: हाईअलर्ट पर Army और IAF, 8 हजार अतिरिक्‍त सुरक्षाबल होंगे तैनात

जम्मू-कश्मीर: हाईअलर्ट पर Army और IAF, 8 हजार अतिरिक्‍त सुरक्षाबल होंगे तैनात

Prateek Saini | Updated: 05 Aug 2019, 04:05:07 PM (IST) Jammu, Jammu, Jammu and Kashmir, India

Jammu Kashmir Situation: जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) के पुनर्गठन का प्रस्ताव राज्यसभा ( Rajya Sabha ) में पेश होने के साथ ही पूरे देश की नजर इस पर आ टिकी हैं, ऐसे में जानना जरूरी है कि वहां के हालात ( Whats Happening In Kashmir Now ) कैसे है...

(जम्मू,योगेश): केंद्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर पर बहुत बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को खत्म करने संकल्प राज्यसभा में पेश किया। साथ ही राज्य के पुनर्गठन विधेयक को पेश किया गया। इस विधेयक के तहत जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दिया गया है।

हुआ यह बड़ा बदलाव ( Whats Happening In Kashmir Now )

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख दोनों ही केंद्र शासित प्रदेश होंगे। जम्‍मू-कश्‍मीर में विधानसभा तो होगी लेकिन लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा। इसके साथ ही जम्‍मू-कश्‍मीर में बड़ी संख्‍या में अतिरिक्‍त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।


अन्य राज्यों से बुलाए गए सुरक्षाबल

सरकार ने आठ हजार अतिरिक्‍त सुरक्षा बलों को यूपी, असम एवं ओडिशा समेत अन्‍य भागों से जम्‍मू-कश्‍मीर भेजने का फैसला किया है। इन्‍हें विमान के जरिए जम्‍मू-कश्‍मीर ले जाया जा रहा है। भारतीय सेना और एयर फोस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

 

जम्मू और श्रीनगर में धारा 144 लागू

Jammu Kashmir Situation

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को उनके घरों में नजरबंद कर लिया गया है। कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। घाटी में इंटरनेट सेवाओं बंद करने के साथ ही जम्‍मू और श्रीनगर में आर्टिकल-144 लगा दी गई है।

लद्दाख में सब सामान्य

Jammu Kashmir Situation

लद्दाख में जन जीवन बिल्‍कुल सामान्‍य है। स्‍कूल कॉलेज एवं अन्‍य शैक्षणिक संस्‍थान सामान्‍य दिनों की तरह खुले हैं। श्रीनगर और जम्‍मू में धारा-144 लगाई गई है। डलझील में शिकारे खाली है और चारो ओर सन्‍नाटा पसरा हुआ है। राज्यपाल ने मुख्य सचिव को घटना पर नजर रखते हुए हर घंटे रिपोर्ट देने के लिए कहा है। चूंकि मोबाइल सेवाएं बाधित हैं इसलिए अधिकारियों को संपर्क के लिए सेटेलाइट फोन दिए गए हैं।


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