जम्मू में शराबियों का जश्न, छह दिन में गटक गए करोड़ों की शराब, सभी रिकॉर्ड तोड़े

जम्मू संभाग (Liquor Shop In Jammu And Kashmir) में इस समय कुल 119 दुकानें खुली हैं और अभी भी (Trending News) करीब सौ दुकानें बंद हैं (Jammu And Kashmir News) ...

 

By: Prateek

Updated: 27 May 2020, 08:51 PM IST

(जम्मू,योगेश सगोत्रा): लोगों में शराब के प्रति कितनी दिवानगी है लॉकडाउन ना होता तो यह पता ही नहीं चल पाता। जब सरकार ने लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें खोले जाने की अनुमति दी तो शराबी खुशी से झूम उठे। ठेकों के बाहर लंबी कतार देखी गईं। कईं जगह तो नियंत्रण के लिए पुलिस भी लगानी पड़ी। एक ही दिन में शराब बिक्रि ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। अब जम्मू में भी शराबियों ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। यहां दुकानें छह दिन पहले ही खुली है लेकिन लोग करोड़ों की शराब गटक चुके हैं।

औसत से पांच गुना बिक्रि...

करीब डेढ़ महीने के लॉकडाउन के बाद जम्मू संभाग में खुली शराब की दुकानों पर पिछले छह दिन में 50 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिक चुकी है। यह बिक्री लॉकडाउन से पहले की औसत बिक्री से पांच गुणा अधिक है।

महंगाई का भी कोई असर नहीं...

जम्मू में शराबियों का जश्न, छह दिन में गटक गए करोड़ों की शराब, सभी रिकॉर्ड तोड़े

जम्मू संभाग में इस समय कुल 119 दुकानें खुली हैं और अभी भी करीब सौ दुकानें बंद हैं। सरकार ने शराब के मूल्य पर 50 फीसद एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई, लेकिन इसका भी बिक्री पर कोई असर नहीं हुआ। आबकारी विभाग ने पहले चरण में जम्मू संभाग में चालीस, दूसरे चरण में 73 और अब मंगलवार से पांच और दुकानें खोल दी हैं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार पहले दिन सीमित दुकानें खुलने के बावजूद जम्मू संभाग में रिकार्ड दस करोड़ रुपए की शराब व बीयर बिकी। जम्मू संभाग में आबकारी विभाग की कुल 12 रेंज हैं और इनमें इस समय रोजाना की औसतन बिक्री आठ करोड़ रुपए हो रही है।

सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक बिक्री जम्मू शहर से रिकॉर्ड की गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो पहले तीन दिनों में सबसे अधिक बिक्री हुई, लेकिन अगले तीन दिनों में भी बिक्री सात-आठ करोड़ रुपए के करीब रही।

राजस्व की भरपाई...

विभाग को उम्मीद है कि आने वाले चंद दिनों में भी यही ट्रेंड बना रहेगा और लॉकडाउन के दौरान विभाग को जो राजस्व का नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई जल्द हो जाएगी। आबकारी विभाग को शराब व बीयर की बिक्री से रोजाना करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है।

Prateek Desk
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