महिला सीट के लिये खरमास में करा दी बेटे की शादी, घूंघट की आड़ में वोट मांग रही दुल्हन

जौनपुर में Panchayat Election में जिला पंचायत सदस्य सीट महिलाआें के लिये रिजर्व होने के बाद पिता ने चुनाव लड़वाने के लिये खरामास में करा दी बेटे की शादी। दुल्हन को लड़वा दिया चुनाव।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

जौनपुर. Panchayat Election में एक से बढ़कर एक हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे हैं। चुनाव लड़ने और कुर्सी पाने के लिये कुछ भी कर गुजरने जैसा जज्बा देखने को मिल रहा है। जौनपुर में दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य की सीट महिलाओं के लिये आरक्षित हो गई तो उन्होंने खरमास में ही अपने बेटे की शादी कर दी और नई नवेली बहु का नामांकन करवा दिया। अब बहु घूंघट में गांव-गांव घूमकर वोट मांग रही है।

 

मामला जौनपुर जिले के खुटहन ब्लाॅक के उसरौली गांव का है। गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष यादव 'सरगम’ ने इस बार पंचायत चुनाव में फिर से उतरने का न सिर्फ मन बनाया बल्कि काफी पहले से तैयारी भी शुरू कर दी। पर आरक्षण ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। वह वार्ड नंबर 17 से लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन जब दूसरी बार फाइनल आरक्षण लिस्ट आई तो उनका वार्ड पिछड़ी जाती महिला के लिये रिजर्व हो गया।

 

सुभाष यादव के सामने समस्या ये थी कि उनकी माता जी सालों पहले स्वर्ग सिधार चुकी हैं तो पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री हैं। घर में कोई महिला नहीं थी जिसे चुनाव लड़ाया जा सके।

 

पर चुनाव मैदान में तो हर हाल में कूदना था। पहले इस बात पर विचार हुआ कि पत्नी को ही नौकरी छुड़वाकर चुनाव लड़ाया जाए, लेकिन फिर यह तय हुआ कि बेटे की तत्काल शादी कर बहु को चुनाव लड़ाया जाय। पर जब इस बाबत पुरोहितों से बात की तो खरमास के चलते उन्होंने धार्मिक दृष्टि से इसे उचित नहीं बताया।

 

पर शादी तो होनी ही थी और जब यह तय हो गया तो आनन-फानन में पड़ोसी के गांव कपसिया के रामचंद्र यादव अनुरागी की बेटी अंकिता यादव से शादी तय हुई। 31 मार्च को एक मंदिर में दोनों का विवाह हुआ। नई-नवेली दुल्हन अंकिता यादव का रविवार को नामांकन हुआ और बसपा ने उन्हें अधिकृत उम्मीदवार भी घोषित कर दिया।

By Javed Ahmad

रफतउद्दीन फरीद
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