सहकारी संस्था प्रबंधक गरीबों का राशन कार में भरकर ले जा रहा घर

लोगों के सामने ही बाजरे के दो कट्टे कार में ले गया, अकसर दोपहर में ही ले जाता है सरकारी राशन

By: harinath dwivedi

Published: 04 Mar 2021, 01:14 AM IST

बामनिया/भामल. शासन स्तर से सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर ही स्मार्ट गेहूं, चावल के साथ बाजरा भी शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर वितरण करने का दायित्व आदिम जाति सेवा सहकारी संस्थाओं को दिया गया, लेकिन सोसायटी का प्रबंधक मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को चूना लगा रहा है। गरीबों के मुंह से निवाला छीन रहा है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है ।
थांदला तहसील के अंतर्गत भामल के आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था का प्रबंधक व सेल्समैन ने भरी दोपहरी में ही एक रुपए किलो का बाजरा सेल्समैन व प्रबंधक ने अपनी गाड़ी में रखा। ग्रामीणों ने बताया कि प्रबंधक अकसर दोपहर में ही सरकारी राशन घर ले जाता है।
गाड़ी की सीट पर बारदान की कुछ थेलियां भी रखी गई है । ग्रामीणों ने बताया कि दो कट्टे बाजरा सेल्समैन ने प्रबंधक के कहने पर उसकी गाड़ी में रखा , उसके बाद गाड़ी नारेला के लिए रवाना हो गई। जब पत्रिका प्रतिनिधि ने प्रबंधक से चर्चा की आपने राशन लिया वो किसका है और क्या आपने इसका भुगतान किया है तो प्रबंधक बौखला गए और कहने लगे कि सोसायटी खुलेगी तब भुगतान करेंगे। अब ये समझ से परे है कि जब बाजरे की बोरिया गोदाम से ले रहे हैं तो सोसायटी तो खुली है, बंद कहां हुई।
कोई आने का टाइम है ना ही जाने की कोई समय दर्शा रखा है
ग्रा मीणों का आरोप है कि यह पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई बार संस्था से प्रबंधक गरीबों के राशन पर हाथ साफ कर चुके हैं। ग्रामीण बताते हैं कि भामल के आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था के प्रबंधक नारेला से भामल डेली अप डाउन करते हैं। सरकारी संस्था में ना तो उनका कोई आने का टाइम तय है ना ही जाने की कोई समय दर्शा रखा है। प्रबंधक ने अपने सेल्समैन को खुलेआम छूट दे रखी है । दूसरे कर्मचारी कभी गबन करने की कोशिश करें तो अधिकारी तत्काल कार्रवाई करते हैं, लेकिन यहां तो आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था भामल के प्रबंधक लोगों के सामने ही बाजरे की दो कट्टे 50-50 किलो ले जाते हुए दिख रहे हैं। सरकारी योजना में तहत गरीबों का अनाज खुद सेल्समैन व प्रबंधक साठगांठ करके हड़प रहे हैं।

जल्द कार्रवाई करेंगे
मामला संज्ञान में लाया गया है। जल्द कार्रवाई करेंगे।
-ज्योति परस्ते, एसडीएम थांदला।

मैने केवल उनके कहने पर दे दिया-
50 किलो बाजरा प्रबंधक अपने घर खाने के लिए ले गए हैं। अब वो प्रबंधक हैं। मैने केवल उनके कहने पर दे दिया।
-ननु जैन, सेल्समैन सहकारी संस्था भामल।

किसी के भी खाते में एडजस्ट कर देंगे
हां मैं 50 किलो बाजरा मेरे घर खाने के लिए लाया हूं। क्या करना आपको । हम किसी के भी खाते में एडजस्ट कर देंगे।
-चेनसिंह राठौड़, सोसायटी प्रबंधक ।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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