
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के खिलाफ FIR दर्ज, कांग्रेस उम्मीदवार को बताया था पाकिस्तान समर्थक
झाबुआ. मध्य प्रदेश के झाबुआ विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। सोमवार को भाजपा उम्मीदवार के भानू भूरिया के नामांकन रैली को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विवादित बयान दिया है। गोपाल भार्गव के बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है। नेता प्रतिपक्ष भोपाल भार्गव ने कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया को पाकिस्तान का समर्थक बताया। भार्गव के इस बयान को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की है।
भार्गव के खिलाफ केस दर्ज
झाबुआ एसडीएम ने बताया कि गोपाल भार्गव ने चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है। गोपाल भार्गव ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी किया है, इसलिए उनके खिलाफ झाबुआ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या कहा था गोपाल भार्गव ने
रैली को संबोधित करते हुए गोपाल भागर्व ने कहा था। यह चुनाव दो पार्टियों के बीच नहीं है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच है। उन्होंने कहा, भानू भूरिया ( बीजेपी प्रत्याशी ) भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि कांतिलाल भूरिया ( कांग्रेस प्रत्याशी ) पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके बाद गोपाल भागर्व ने मंच से भारत माता जय के नारे लगाए और वहां मौजूद लोगों से भी भारत माता जय के नारे लगवाए। गोपाल भार्गव ने कहा- अब आप तय करें की आप भारत के साथ खड़े हैं या पाकिस्तान के साथ।
प्रदेश में भय व्याप्त है
गोपाल भार्गव ने कहा- आदिवासियों के बेटा-बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने का काम भाजपा सरकार ने किया ही। प्रदेश में कांग्रेस ने 9 माह में हर वर्ग से झूठे वादे करने का काम किया है। कमलनाथ सरकार में भय, भूख और भ्रष्टाचार चरम पर है। जनता में बढ़ती आपराधिक घटनाओं से भय व्याप्त है। गरीब को 2 वक़्त की रोटी नसीब नही हो रही है। और इसके मंत्री खुले आम ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पैसा मांग रहे हैं।
कांग्रेस का अभिमान चूर करेगी जनता
गोपाल भार्गव ने कहा- मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों - वनवासियों को झूठे वादे किये। उनको छलने का काम हमेशा कांग्रेस करती आई है। आदिवासी अंचल के भाई प्रदेश की छलिया सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है। झाबुआ उपचुनाव में जनता कांग्रेस के अभिमान को चकनाचूर कर देगी। भाजपा सरकार ने आदिवासियों के स्वाभिमान ओर सम्मान को बढ़ाया, आदिवासी के श्रद्धा के केंद्र रहे महापुरुषों की स्मृतियों को चिरंजीव बनाने के लिए स्मारकों का निर्माण कराया।
Updated on:
01 Oct 2019 08:12 am
Published on:
01 Oct 2019 08:12 am
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