झाबुआ-आलीराजपुर स्टेट हाईवे पर चल रही अवैध रेत की मंडी

झाबुआ-आलीराजपुर स्टेट हाईवे पर चल रही अवैध रेत की मंडी
झाबुआ-आलीराजपुर स्टेट हाईवे पर चल रही अवैध रेत की मंडी

Arjun Richhariya | Updated: 12 Oct 2019, 07:18:33 PM (IST) Jhabua, Jhabua, Madhya Pradesh, India

- जिले से होकर ओवरलोड डंपर उज्जैन , रतलाम , इंदौर व नीमच जैसे शहरों में रेत सप्लाई कर रहे

झाबुआ. रेत खनन पर कमलनाथ सरकार की पाबंदी के बावजूद झाबुआ-आलीराजपुर स्टेट हाईवे पर रेत का अवैध परिवहन खुलेआम चल रहा है। शहर की सड़कों से ग्रामीण अंचलों तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अवैध रेत परिवहन किया जा रहा है । ट्रैक्टर मालिकों पर प्रतिबंध के बाद आमखुट , पनाला , अखलू , उदयपुर , चांदपुर से रेत भरकर जिले में बेच रहे हैं।

रेत भंडारण के लिए भी लाइसेंस की जरूरत होती है, लेकिन कुछ लोग सड़क किनारे रेत से भरे ट्रैक्टर खड़े कर खुलेआम अवैध कारोबार चला रहे हैं। इस कारण लाइसेंस लेकर रेत भंडारण करने वाले व्यापारी नाराज है। व्यापारियों का कहना है कि गुजरात से आने वाली रेत चांदपुर के रास्ते जिले में पहुंच रही है गुजरात में प्रति टन के हिसाब से रॉयल्टी मिल रही है। गुजरात से डंपरों में भरकर आ रही रेत अंडरवेट रॉयल्टी पर ओवरलोड ट्रांसपोर्ट कर राजस्व को चुना लगा रहे हैं। जिले से होकर ओवरलोड डंपर उज्जैन, रतलाम, इंदौर एवं नीमच जैसे शहरों में रेत सप्लाई कर रहे हैं। रेत के ओवरलोड परिवहन के लिए स्थानीय व्यापारी प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत कर चुके है।

करोड़ों के राजस्व का नुकसान-

नियमानुसार विभाग एक ट्रैक्टर पर 15 से 20 हजार जुर्माना एवं डंपर पर 1 लाख रुपए जुर्माना वसूल कर सकता है। इस हिसाब से सरकार को एक दिन में ही लाखों रुपए एवमं साल भर में करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान सिर्फ विभागीय लापरवाही के कारण हो रहा है। सूत्रों की मानें तो गुजरात से रॉयल्टी लेकर बड़ी मात्रा में जिले में रेत पहुंच रही है। जिले में प्रतिदिन 15 से 20 डंपर एवं 30 से 40 ट्रैक्टर ट्रॉली और 20 से 25 ट्रक से अवैध रेत परिवहन किया जा रहा है। डंपर दुगनी क्षमता में परिवहन कर रहे हैं। पिछली बार हुई विभागीय कार्रवाई में रेत परिवहन कर रहे एक भारी भरकम डंपर को क्षमता से 20 टन वजन ज्यादा निकलने के कारण तोल कांटा से डंपर को तुरंत हटाना पड़ा।

अवैध खनन पर जुर्माने का प्रावधान -

पहली बार अवैध परिवहन करते हुए पकडऩे पर 30 गुना दूसरी बार पकडऩे पर 40 गुना तीसरी बार पकडऩे पर 50 गुना और चौथी बार पकडऩे पर 70 गुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान होने के बाद भी जिले में बेखौफ अवैध रेत परिवहन जारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुजरात से रॉयल्टी लेकर कई वाहन जिले में रेत सप्लाई कर रहे हैं यह वाहन अंडर लोड की रॉयल्टी लेकर ओवरलोड परिवहन कर रहे हैं।

नदियां तेजी से खोखली हो रही है-

प्रदेश में रेत खनन के अधिकार पंचायतों की जगह खनिज विभाग को दे दिए गए। खनिज विभाग द्वारा रेत खदानों को नीलाम करने के बाद निजी लोगों द्वारा मनमर्जी खनन किए जाने से नदियां तेजी से खोखली हो रही है एवं क्षेत्र में अवैध खनन एवं परिवहन की घटनाएं बढ़ गई हैं। अवैध रेत परिवहन के मामले में जिले में फरवरी 2018 में आखिरी बार खनिज विभाग पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर 20 ओवरलोड ट्रक एवं डंपर को न्यायालय भेजा था। डेढ़ साल गुजर जाने के बाद भी अब तक इस तरह की कोई दूसरी विभागीय कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया। यह स्थिति खदान मालिकों एवं प्रशासन की सांठगांठ दर्शाने के लिए पर्याप्त है।

चुनाव के बाद कार्रवाई करेंगे-

खदानों से रॉयल्टी अभी नहीं दी जा रही है। समय-समय पर विभागीय कार्रवाई की जाती है। दोषियों से जुर्माना वसूला जाता है। अधिकतर डंपर रॉयल्टी लेकर रेत परिवहन करते हैं। ट्रैक्टर ट्रॉली से अवैध रेत परिवहन करने वालों पर चुनाव के बाद कार्रवाई करेंगे।
- डॉ. अभयसिंह खराड़ी, एसडीएम

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