कुष्ठरोगी और निराश्रितों के लिए आवंटित जमीन रसूखदार को लीज पर देने की तैयारी

पार्षद ने जताई आपत्ति, कलेक्टर और सीएमओ को लिखित शिकायत की

झाबुआ. नगर पालिका करोड़ों रुपए की संपत्ति निजी हाथों में सौंप चुकी है। इसी कड़ी में अब कुष्ठरोगियों और निराश्रितों के लिए आवंटित जमीन को भी निजी करने की प्रक्रिया में लगी है। शहर के थांदला गेट पर पिछले लंबे समय से कुष्ठ रोगियों के लिए बनाए भवन को अचानक से ही नगरपालिका पिछले कुछ महीनों पूर्व साधारण सम्मेलन की बैठक में बिना इसका पूर्व एजेंडा पार्षदों और पूरे सदन के समक्ष रखकर ताबड़तोब बैठक में बिंदु 22 पर लीज के लिए प्राप्त दर स्वीकृत बाबद् लिखकर पूरे सदन को भ्रम में डाल दिया।

बिना जानकारी के यह बिंदु पास करवा दिया। जबकि इस बिंदु 22 में कौन सी जमीन की बात की जा रही है। इसका साफ तौर पर प्रस्ताव सूची में उल्लेख नहीं किया। पार्षदों का कहना है किसदन को गुमराह कर मिलीभगत से इस बिंदु को पास करवा दिया गया। बताया जाता है कि इस भवन को तोड़कर कुष्ठ रोगियों व निराश्रितजनों को बेघर कर यहां नगरपालिका जमीन को एक रसूखदार को देकर इसका उपयोग कमर्शियल के रूप में किया जाना तय किया है।

वार्ड 1 के पार्षद पपीष पानेरी ने बताया कि इस संबंध में जब नगरपालिका की साधारण सम्मेलन की बैठक 7 अगस्त 2019 को हुई थी, उसी दिन ही नगरपालिका सीएमओ एलएस डोडिया को आवेदन देकर संपूर्ण ब्यौरा देकर इस लीज दर स्वीकृति में ं मिलीभगत साफ तौर पर नजर आने से इस लीज प्रक्रिया को निरस्त कर पुन: लीज के लिए टेंडर आमंत्रित करने की मांग की थी। इसके बाद ताजा मामले में पार्षद पपीष पानेरी ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा है कि लीज प्रक्रिया में नगरपालिका के कुछ लोगों ने मिलीभगत कर पार्षदों को गुमराह करते हुए उन्हें बिंदु 22 में बिना पूर्ण जानकारी दर्शाए बाले-बाले ही लीज दर स्वीकृत कर इसमें भारी घालमेल किया गया है। इस तरह से राजस्व को हानि पहुंचाने के भी कुंचित प्रयास किए गए है।
भवन को किया जा चुका है डिस्मेंटल : नगरपालिका ने इस बीच कुष्ठ रोगियों और निराश्रितजनों के रहवास भवन को डिस्मेंटल करवा दिया है। साथ ही अब इसका कमर्शियल के रूप में जल्द ही उपयोग होने वाला है। इससे पूर्व ही इस मामले में सुनवाई नहीं की गई तो नगर पालिका की सेंकड़ों दुकानों की तरह यह संपत्ति भी निजी हो जाएगी।
पुन: टेंडर आमंत्रित करने की मांग : मैंने इस लीज में निलीभगत की शिकायत पूर्व में नगरपालिका सीएमओ को लिखित रूप से की थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब कलेक्टर को भी आवेदन देकर इस लीज प्रक्रिया को निरस्त कर पुन: टेंडर आमंत्रित करने की मांग की है।
-पपीश पानेरी, पार्षद, वार्ड 1
जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी-
पार्षद ने मुझे जांच के लिए यदि आवेदन दिया है, तो मैं दिखवाकर इसकी जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-प्रबल सिपाहा, कलेक्टर झाबुआ
मामले को दिखवाता हूं
मैं इस मामले को दिखवाता हूं। पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
- एलएस डोडिया, सीएमओ, नगरपालिका झाबुआ

kashiram jatav
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned