सरकारी आवासों को गिराकर हो रहा शोरूम का निर्माण

दो सालों में इसकी दर्जनों शिकायतें की गई, आदेश भी जारी हुए, लेकिन सरकारी जमीन निजी कर दी

झाबुआ. काकानवानी पंचायत के जर्जर सरकारी कर्मचारियों के आवासों को गिराकर निजी शोरूम का निर्माण किया जा रहा है। जर्जर शासकीय भवन के पहले खिड़की-दरवाजे निकाल कर बेच दिए। शासकीय भवन को गिराया तब भी इसकी शिकायतें की गई, लेकिन जिम्मेदार मौन रहे। शासकीय जमीन निजी कैसे कर दी। खरीदने-बेचने में कौन लिप्त रहे। किसके वरदहस्त से शासकीय भूमि पर निजी निर्माण का खाका तैयार हुआ। पूरे मामले की जांच की जाए तो कई जिम्मेदार लपेटे में आ सकते हैं।

हैरानी की बात है कि पिछले 2 सालों में इसकी कई शिकायतें की गई। आदेश भी जारी हुए, लेकिन सरकारी जमीन को निजी कर दिया। सवाल है कि लगातार हो रही शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। कलेक्टर के आदेश के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। काकनवानी निवासी बीजिया बारिया ने शासकीय भूमि के संबंध में कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायत की। सोमवार और मंगलवार को फिर से कलेक्टर से शिकायत की। शिकायत में बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास विभाग के भवन की है। शासकीय भूमि में सर्वे नंबर 905 पर बना यह भवन 35 -40 वर्षों से कृषि विभाग के दस्तावेजों में दर्ज है। पिछले 40 वर्षों से इस भवन में शासकीय कर्मचारी अपनी नौकरी करते हुए परिवार के साथ निवास कर रहे थे। दस वर्ष पहले तक भवन में शासकीय कर्मचारी रहते थे। दस साल से खाली पड़े इस जर्जर भवन के खिड़की-दरवाजे, पतरे निकालकर बेच दिए। बीजिया बारिया की लगातार दो लिखित शिकायत के बाद कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने तत्काल काम बंद करने और निर्माण तोडऩे की बात
कही है।

भवनों के ढांचे को तोड़कर भूखंड में बदला
आवेदन में बताया कि भवनों के ढांचे को तोड़कर भूखंड में बदल दिया है। टीन शेड बेचने से लेकर भवन तोडऩे तक ग्रामीणों ने एसडीएम व कलेक्टर से लगातार शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। 29 अगस्त 2016 को वरिष्ठ कृषि विभाग अधिकारी किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग विकासखंड थांदला द्वारा पत्र 797 , 16 -17 में थांदला के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को मामले से अवगत कराया। कोई कार्रवाई नहीं होने से विपक्षी के हौसले बुलंद होते रहे और वहां पर निजी निर्माण की नींव रखी जा
चुकी है।

प्रबल सिपाहा, कलेक्टर सीधी बात
क्त. काकनवानी में कृषि विकास विभाग की भूमि पर निजी निर्माण कार्य किया जा रहा है। क्या आपने इसे रोकने के आदेश दिए हैं?
्र. कोई भी गलत काम होगा तो उसकी जांच की जाएगी, उसे रोका जाएगा। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्त. सरपंच एवं सचिव के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। क्या कार्रवाई होगी।
्र. नंबर एक सरपंच एवं सचिव को अधिकार नहीं है किसी भी शासकीय संपत्ति अलॉट करने का।
नंबर दो एक व्यक्ति विशेष को कर भी नहीं सकते। उनको कहते हंै काम रुकवाएं नहीं, तो दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

kashiram jatav
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