चिकित्सकों ने मनाया काला दिवस, किया कार्य बहिष्कार

चिकित्सकों ने मनाया काला दिवस, किया कार्य बहिष्कार
चिकित्सकों ने मनाया काला दिवस, किया कार्य बहिष्कार

Jitendra Jaikey | Updated: 14 Jun 2019, 12:48:30 PM (IST) Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

-कोलकाता में चिकित्सकों पर हुए हमले का किया विरोध

चिकित्सकों ने मनाया काला दिवस, किया कार्य बहिष्कार
-कोलकाता में चिकित्सकों पर हुए हमले का किया विरोध
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. कोलकाता में भीड़ द्वारा चिकित्सकों पर हमले व देश में आए दिन चिकित्सकों पर होते हमले के विरोध में शुक्रवार को देश व्यापी आव्हान के तहत झालावाड़ में भी रेजीडेंट चिकित्सकों व पीजी विद्यार्थियों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान झालावाड़ मेडिकल कॉलेज से सम्बद्व राजकीय एसआरजी चिकित्सालय व राजकीय हीराकुंवर महिला चिकित्सालय में कार्यरत करीब 200 रेजीडेंट व करीब 300 मेडिकल विद्यार्थियों ने आंदोलन में हिस्सा लिया। इसके तहत सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर चिकित्सालय परिसर में विरोध रैली निकाली।
-इनकी रही अगुवाई
रेजीडेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र शर्मा, डॉ. नेनूराम जाट, डॉ. हेमंत बिंदाल, डॉ. मुकेश चौधरी, डॉ. रवि किशन, डॉ. जे.एस.भाटी, डॉ. अनुराग गोयल, डॉ. अरविंद, डॉ. राखी सोनी की अगुवाई में रेजीडेंट चिकित्सकों ने व यूजी के डॉ. अजीत ङ्क्षबदा की अगुवाई में स्टूडेंट वेल फेयर सोसायटी के विद्यार्थियों ने मेडिकल कॉलेज से विरोध रैली शुरु की। रैली राजकीय एसआरजी चिकित्सालय परिसर होकर राजकीय हीराकुंंवर महिला चिकित्सालय होकर मेडिकल कॉलेज पहुंची। इस दौरान आंदोलन कारियों ने जमकर नोरबाजी की। उन्होने हाथों में तख्तियां ले रखी थी व ममता बनर्जी के विरोध में नारे लगा रहे थे। आंदोलन को इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन का भी समर्थन रहा।
-दो घंटे तक रहा आंदोलन
इस दौरान दो घंटे तक मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट चिकित्सकों व विद्यार्थियों ने बांह पर काली पट्टी बांधी व चिकित्सालय से काम छोड़कर बाहर आ गए। हालाकि इस दौरान चिकित्सालय प्रशासन ने वरिष्ठ चिकित्सकों को सेवा सम्भालने के लिए आदेश दे दिया था। इस कारण वाडऱ्ो मे सीनीयर डॉक्टर मरीजों को देखने में जुटे रहे। बाद में प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन जिला कलक्टर को दिया।
-ज्ञापन में यह रखी मांगे
ज्ञापन में बताया कि गत कुछ वर्षो से चिकित्सक समुदाय के विरुद्व आमजन व मरीजों के परिजनों द्वारा बिना करण हिंसक व मारपीट की घटनाएं हो रही है, उक्त घटनाओं के कारण चिकित्सकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। जिसके कारण आम चिकित्सक अब गम्भीर मरीजों का उपचार करने में कतराने लगे है। ताजा उदाहरण एनआरएसएमसी कोलकाता के चिकित्सकों पर हुआ हमला है। नियम बना देने मात्र से चिकित्सकों की सुरक्षा नही हो सकती है, जब तक पुलिस व प्रशासन उन नियमों का कठोरता से पालन निश्चित ना करे। ज्ञापन में कहा गया कि रेजीडेट डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से निवेदन है कि चिकित्सकों को सुरक्षा का माहौल उपलब्ध कराया जाए ताकि समस्त चिकित्सक जी जान से पीडि़त मानवता की सेवा कर सके।

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