जिले में बनी बाढ़ की स्थिति

जिले में बनी बाढ़ की स्थिति
जिले में बनी बाढ़ की स्थिति

Jitendra Jaikey | Updated: 14 Sep 2019, 06:47:59 PM (IST) Jhalawar, Jhalawar, Rajasthan, India

-मदद के लिए आई 70 आर्मी के जवानों की सेना
-बाढ़ के कहर से बचाव कार्य जारी

जिले में बनी बाढ़ की स्थिति
-मदद के लिए आई 70 आर्मी के जवानों की सेना
-बाढ़ के कहर से बचाव कार्य जारी
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. जिले में लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात हो गए। शनिवार को बिगड़ते हालत को सम्भालने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सेना की मदद ली गई। सेवा के जवान जिले के सबसे ज्यादा बिगड़े हालात डग व चौमहला क्षेत्र में स्थिति सम्भालेगें। जिला मुख्यालय पर स्थित कन्ट्रोल रुम प्रभारी मनीषा तिवारी ने बताया कि जिले के डग व चौमहला क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शनिवार को टीम मेजर जावेद अली की अगुवाई में 02 कॉलम आर्मी की 70 जवानों के साथ कोटा से रेस्क्यू के लिए पहुंची। वहीं अजमेर से 01-20 सदस्यों की एनडीआरएफ की टीम रेस्क्ूय के लिए रवाना हो चुकी थी। जिला बारां से 02-20 एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू के लिए खानपुर पहुंची। जिले के डग चौमहला में 9 व्यक्तियों को व शहर के धनवाड़ा में करीब डेढ़ दर्जन लोगों को टीम ने रेस्क्ूय कर सुरक्षित निकाला। बाढ़ बचाव एवं राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ जिला कलक्टर एवं प्रशासन मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखे है।
- जिले के बांधों की स्थिति
कन्ट्रोल रुम के अनुसार शनिवार को जिले के कालीसिंध बांध के 21 गेट 144 मीटर खोलकर 4 लाख 81 हजार 600 क्यूसेक पानी की निकासी की गई, वहीं गागरीन बांध पर 1.90 मीटर की चादर चल रही है जिससे 62 हजार 278 क्यूसेक, भीमसागर के 4 गेट 4.88 मीटर खोलकर 13 हजार 616 क्यूसेक, चंवली बांध पर एक मीटर की चादर से 23 हजार 584 क्यूसेक, छापी बांध के 11 गेट 18.50 मीटर खोल कर 52 हजार 405 क्यूसेक व राजगढ़ बांध के 7 गेट 70 मीटर खोलकर 1 लाख 82 हजार 127 क्यूसेक पानी की निकासी जारी रही।
-जिले में बारिश की स्थिति
जिले में शनिवार को कुल 1170 एमएम वर्षा हुई, सबसे अधिकतम वर्षा डग में 224 एमएम हुई इस दौरान तहसील क्षेत्र के 9 गांव जलमग्र हो गए। जिले में गत वर्ष कुल 902.55 एमएम वर्षा हुई थी। इस वर्ष शनिवार तक कुल 1467.50 एम एम वर्षा हो चुकी व 97.50 एमएम औसत वर्षा हुई। इस दौरान झालावाड़ में 47, झालरापाटन में 62, असनावर में 55, बकानी में 86, पिड़ावा में 191, पचपहाड़ में 121, गंगधार में 138, डग में 224, अकलेरा में 40, मनोहरथाना में 63, खानपुर में 32 व सुनेल में 111 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।
-नदी में डूबा पम्प हाउस, जलापूर्ति हुई बाधित
झालावाड़. कालीसिंध नदी में शनिवार को उफान आने से पीपाजी दह पर स्थित जलदाय विभाग का पम्प हाउस डूब गया। इससे शहर में शाम को होने वाली जलापूर्ति ठप हो गई। विभाग के सहायक अभियंता मंगलसिंह परमार नेे बताया कि शनिवार सुबह 8 बजे पम्प हाउस पर नदी का पानी आने की सूचना मिली थी इस पर वहां तैनात कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया। नदी के पानी के निरंतर चढ़ाव को देखते हुए करीब 11 बजे कर्मचारियों को झालावाड़ बुला लिया गया। उन्होने बताया कि इस दौरान पीपाजी दह से शहर में होने वाली करीब 70 लाख लीटर पानी की आपूर्ति बाधित रही वहीं छापी बांध से होने वाली करीब 40 लाख लीटर की जलापूर्ति भी आंशिक बाधित रही। यह स्थिति रविवार को सुबह होने वाली जलापूर्ति के समय भी होगी। क्योकि गागरोन जाने वाला मार्ग नदी के उफान के कारण बंद हो चुका है।
-बारिश के दौरान शहर की स्थिति
झालावाड़. शहर में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहा। अलसुबह से शाम तक कभी तेज व कभी रिमझिम बारिश होती रही। इस दौरान जोरदार बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। मोहल्लों में स्थित नालों में उफान रहा, वहीं कालीसिंध बांध के गेट खोलने पर नदी का पानी शहर की ओर स्थित आसपास के क्षेत्र में भर गया। कालीसिंध नदी के उफान से शहर की खंडिय़ा कॉलोनी में स्थित करीब दो दर्जन घरों में नदी का पानी भर गया। वहीं कई खेत जलमग्र हो गए। नदी के किनारें पर स्थित एक निजी कम्पनी की मशीनें व जेसीबी आदि सामान डूब गए। शहर में ईदगाह रोड़, कुम्हार मोहल्ला, चंदा महाराज की पुलिया व राड़ी के बालाजी रोड़ व चंवरिया खाल में पानी का उफान आ गया। इससे राड़ी के बालाजी रोड़ वाला रास्ता बंद हो गया। यहां किनारे पर लोग पानी उतरने का इंतजार करते नजर आए। इस क्षेत्र में करीब एक दर्जन कच्चें मकान डूब गए। खानपुर मार्ग पर मुक्तिधाम के पहले स्थित नाले में नदी का पानी आने से आवागमन बंद हो गया। इससे शनिवार को यहां होने वाले दाह संस्कार के लिए लोगों को नया तालाब के किनारे पर स्थित मुक्तिधाम जाना पड़ा। कपिलवस्तु कॉलोनी, कालीदास कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर पानी की उचित व्यवस्था नही होने से घरो के सामने बारिश का पानी जमा हो गया। निकटवर्ती गंाव मुंड़ेरी में भी नदी का पानी भर जाने से कई कच्चें घर डूब गए। यहां कई खेतों में भी पानी भर गया।
-मुंडेरी पुल पर उमड़ी भीड़
कालीसिंध बांध के गेट खोलने के बाद उफनी अथाह जलराशी को देखने के लिए शहर के निकट खानपुर मेगा हाई वे पर स्थित मुंड़ेरी पुल पर शहरवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां मेले जैसा माहौल हो गया। इस दौरान कई बार यातायात भी अवरुद्व हुआ। हालाकि इस दौरान पुलिसकर्मी तैनात रहे उन्होने लोगों को पुरानी पुलिया की ओर जाने से बेरिकेट्स लगा कर रोका। लोग बारिश में भी भीगते हुए नदी देखने पहुंचे।

जिले में चारो ओर हुआ पानी ही पानी, सभी बंाधों के गेट खुले
-लगातार बारिश व मध्यप्रदेश से तेज गति से हो रही पानी की आवक से बाढ़ के बने हालात
झालावाड़. जिले में इन दिनों लगातार हो रही बारिश से बाढ़ के हालात बन रहे है। शनिवार को भी अलसुबह से ही लगातार बारिश का दौर जारी है। मध्यप्रदेश में भी हो रही लगातर बारिश से जिले में आने वाली सभी नदियों में पानी की जोरदार आवक हो रही है इससे नदियों का पानी उफान पर चल रहा है। शनिवार को इस दौरान कालीसिंध बांध के 14 गेट 84 मीटर तक खोल कर 2 लाख 91 हजार 608 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इससे कालीसिंध नदी में भी उफान आ गया। नदी का पानी आसपास के क्षेत्र में घुस गया। रायपुर क्षेत्र के चंवली बांध पर करीब एक मीटर की चादर चल रही है। इससे आसपास के गांवों में बाढ़ के हालत बन गए। गांव हिम्मतगढ़ सहित आसपास के गांव तो टापू बन गए, वहीं झालावाड़ से इंदौर के बीच स्थित चंवली नदी का पानी शुक्रवार देर रात करीब दो बजे पुलिया पर आने से मार्ग बंद हो गया। चंवली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। चौमहला के निकट छोटी कालीसिंध नदी मे उफान से गंगधर कस्बे के कई मोहल्लों मेंं पानी भर गया। चौमहला रेलवे स्टेशन पर भी रेल की पटरियां पानी में डूब गई। भीमसागर बांध के चार गेट 13 फिट खोलकर 13 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। पिड़ावा में भी चंवली नदी का पानी घुसा। डग क्षेत्र में मूसलाधर बारिश से कई कच्चें मकान गिर गए। क्यासरा गांव के निकट सड़क पर नाले का पानी आने से भवानीमंडी मार्ग बंद हो गया। जिले में अन्य सभी जगह जोरदार बारिश से हालात बिगड़ रहे है।

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