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Jhalawar…कैसे होगा राजस्थान ग्रामीण ओलंपिक का आयोजन

खेल मैदानों से हटे नहीं कब्जे, प्रतियोगिताओं की तैयारी शुरू?
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झालावाड़

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 24 Nov 2021, 4:04 PM IST

Jhalawar...कैसे होगा राजस्थान ग्रामीण ओलंपिक का आयोजन

Jhalawar...कैसे होगा राजस्थान ग्रामीण ओलंपिक का आयोजन

मनोहरथाना. क्षेत्र के खेल मैदानों पर अतिक्रमण हो रहा है, वहीं राज्य क्रीड़ा परिषद राज्य में राजस्थान ग्रामीण ओलंपिक खेलों का आयोजन करने जा रही है। इसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। इसके लिए गांव और ग्राम पंचायतों से कई युवा खिलाडिय़ों के पंजीकरण कराया है। ओलंपिक खेलों का उद्देश्य ग्रामीण खिलाडिय़ों को मौका देकर उच्च स्तर तक पहुंचाना है, जो ग्राम पंचायत स्तर, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर से राज्य स्तर तक होगा। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायतों में खेल मैदान तैयार कराने के लिए आदेश जारी किए हैं, लेकिन इन तैयारियों के बीच धरातल पर आदेशों की अवहेलना हो रही है। ग्राम पंचायतों पर खेल मैदानों की धरातल की स्थिति कुछ और ही है। पंचायत स्तर पर कई खेल मैदान अतिक्रमण में दबे हैं। कहीं पर खेल मैदान भूमि पर पक्का निर्माण चल रहा है, तो कहीं पर कटीली झाडिय़ां हैं। ऐसे में कैसे खिलाड़ी भाग लेंगे और आगे बढ़ेंगे। अभी खेल शुरु होने की तारीख नहीं आई है। 30 नवम्बर तक खिलाडिय़ों का पंजीयन होगा। मनपसर निवासी भरत सिंह गुर्जर और कुणाल शर्मा ने बताया कि यहां विद्यालय के खेल मैदान पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर रखा है। खेल मैदान निर्माण के लिए बजट भी आया है, लेकिन अतिक्रमण होने से निर्माण भी नहीं हो सका। विद्यालय के खेल मैदान पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसकी पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज कराई है और लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा। इस संबध में राजस्थान ग्रामीण ओलंपिक खेलों के नोडल अधिकारी अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वारा विकास अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं, कि ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित करे, लेकिन खेल मैदानों को तैयार करने के लिए कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। ऐसा ही क्षेत्र कि ग्राम पंचायत आंवलहेड़ा का है, जहां सांसद द्वारा खेल मैदान का लोकार्पण किया था, लेकीन आज भी खेल मैदान तैयार नहीं है। मनपसर में भी 36 लाख बजट होने के बाद भी खेल मैदान की भूमि पर अतिक्रमण है। तीसरा मामला ग्राम बिसलाई का जहां लंबे समय से विद्यालय खेल मैदान की भूमि से अतिक्रमण मुक्त के लिए संघर्ष चल रहा है, लेकिन ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद भी वहां पक्का निर्माण चल रहा है। खेरखेड़ी घाटा के विद्यालय की जमीन वर्षों से अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है।