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ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होने वाले संक्रमित मरीज शाम को जा सकेंगे घर

अब कोरोना मरीजों के लिए डे-केयर सेंटर होंगे शुरू

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ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होने वाले संक्रमित मरीज शाम को जा सकेंगे घर

अब कोरोना मरीजों के लिए डे-केयर सेंटर होंगे शुरू

झालावाड़. राज्य सरकार ने डे केयर सेंटर के लिए कोरोना मरीजों को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि कोरोना के मरीज तनाव नहीं झेले। यह गाइडलाइन उन मरीजों के लिए जो होम आइसोलेशन में रह रहे है। ऐसे मरीजों के लिए अब सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों में डे-केयर सेंटर की शुरुआत की जा रही है। एसआरजी में इसकी शुरुआत अधिकारियों के मुताबिक इस सप्ताह में हो जाएगी।
इसमें ऐसे मरीज जिनमें कोरोना का सीटी स्कोर अधिक होने के बाद ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होगी। ऐसे संक्रमित मरीज डे-केयर सेंटर में अपना उपचार करवा सकते हैं। यानी ऐसे मरीज दिन में अपना उपचार डे-केयर सेंटर में करा कर रात को अपने घर जा सकते हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन की और से इस तरह के आदेश कोरोना के मरीजों को तनाव से मुक्त करने के लिए निकाले गए है। डे केयर सेंटर में कोरोना के एसिम्टिोमेटिक (बिना लक्षण वाले) मरीज जिनका सीटी स्कोर (कोरोना की रिपोर्ट का प्रतिशत) १५/२५ से कम और उनकी स्थिति स्थिर है या जिन्हें कोई गंभीर बीमारी के कारण खतरा नहीं हो, उनका डे केयर सेंटर में उपचार किया जाएगा।
इसके लिए मरीज या उसके परिजनों को उसके उपचार से संबंधित पल्सरेट, तापमान, ऑक्सीजन सेचुरेशन को मॉनीटर करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
मरीज ऑक्सीजन पर निर्भर न हो। उसकी क्लिीनिकली स्थिति स्थिर हो। मरीज के पल्सरेट, रक्तचाप, श्वसन दर एवं ऑक्सीजन स्तर सामान्य हो। मरीज को कोई रिस्क नहीं हो। मरीज की ब्लड रिपोर्ट का रिजल्ट सामान्य स्थिति में हो। मरीज एवं उसके परिजन स्वास्थ्य को सक्रिय रूप से मॉनीटर करने में अपनी सहमति दे चुके हो। मरीज को डे-केयर से होम आइसोलेशन में भेजते समय होम आइसोलेशन में अपनाई जाने वाली सभी सावधानियों की जानकारी की बुकलेट दी जाएगी। घर से हॉस्पिटल एवं हॉस्पिटल से घर जाने में कोविड प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करनी होगी।

ऐसे मरीजों का होगा उपचार
होम आइसोलेशन के दौरान मरीज को किसी प्रकार की असुविधा या नए लक्षण जैसे बुखार, सांस लेने में तकलीफ, या छाती में दर्द की शिकायत होने पर तुरंत अस्पताल में लाने की सलाह दी गई है। ऐसे मरीज जिनको तेज बुखार, सांस लेने की परेशानी एवं ऑक्सीजन सेचुरेशन ९४ से कम है। उनका उपचार इस डे-केयर सेंटर में होगा ही साथ ही गंभीर मरीजों का उपचार पूर्ववत होता रहेगा।

एसआरजी अस्पताल में भी डे केयर सेंटर शुरू कर रहे है। इसमें कोविड के मरीजों को दिनभर उपचार के बाद शाम को घर जाने की छूट होगी।
डॉ. राजेन्द्र गुप्ता, अधीक्षक एसआरजी चिकित्सालय