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Kota ACB Big News..जेलर का खेल, रूपये दो और जेल में सुविधा पाओ

- बंदी की आर्थिक स्थिति देखकर कर आरोपी घूस की रकम मांगता था-परिजनों को रिश्वत देने के लिए विवश करता था- बीस मांगे और 10 हजार में किया रिश्वत का सौदा

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Kota ACB Big News..जेलर का खेल, रूपये दो और जेल में सुविधा पाओ

Kota ACB Big News..जेलर का खेल, रूपये दो और जेल में सुविधा पाओ

झालावाड़. झालावाड़ जेल में कैदियों को सुविधाएं देने के नाम पर जमकर रिश्वतखोरी का खेल चल रहा है। घूसखोरी के खेल में जेलर ही लिप्त पाया गया है। कैदियों के परिजनों को घूस देने के लिए विवश किया जाता था। आरोपी जेलर बंदी की आर्थिक स्थिति का पता लगाकर उसके परिजनों से उसी हिसाब से घूस की मांग करता था। कोटा एसीबी ग्रामीण की टीम ने मंगलवार को झालावाड़ जेल के जेलर करणसिंह को 10 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। कोटा एसीबी टीम मंगलवार को सवा 12 बजे नई जेल रोड पर हाउसिंग बोर्ड के कॉर्नर पर खड़ी थी, परिवादी के बताए अनुसार जैसे ही आरोपी जेलर पैसे लेकर वापस जेल की तरफ जाने लगा एसीबी की टीम ने जेलर करणसिंह को 12.35 पर दबोच लिया। इसी दौरान दो-तीन गाडिय़ा व फरियादी भाई-बहन को देखकर वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। इसके बाद एसीबी टीम रकम बरामद कर आरोपी जेलर को अपने साथ जेल लेकर आ गई। जहां लंबी पूछताछ की जा रही है देर रात तक पूछताछ जारी रही। सूत्रों ने बताया कि जेलर स्वयं जेल परिसर के बाहर जाकर हाउसिंग बोर्ड के यहां एक कौने में बात करके स्वयं पैसे की बात करता था। एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक विजयसिंह ने बताया कि परिवादी भवानीशंकर मीणा निवासी रारोती थाना जिला बारां ने कोटा देहात कार्यालय पर शिकायत दी की मेरी मां झालावाड़ जेल में बंद है। मेरी मां को जेल में परेशान किया जा रहा है। शिकायत का सत्यापन सोमवार को करवाया गया। जिसमें आरोपी द्वारा 20 हजार रूपए की मांग कर 10 हजार रूपए लेने पर राजी हुआ। इसके बाद मंगलवार को ट्रेप की कार्रवाई की गई। आरोपी से रिश्वत मोटरसाइकिल के बेग से बरामद की गई। झालावाड़ जेल में करीब 500 कैदियों को रखने की क्षमता है अभी करीब 498 कैदी है। जिसमें महिलाओं के लिए अलग बैरक बने हुए है। सूत्रों ने बताया कि जेलर द्वारा महिलाओं को परेशान नहीं करने व सुविधाएं देने के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। कोटा एसीबी टीम ने पुलिस उप अधीक्षक विजयसिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की। टीम मेें नरेन्द्रसिंह, दिग्विजय सिंह, पवन कुमार, नरेन्द्र सिंह सोलंकी आदि मौजूद थे।