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शराब दुकानें हुई महंगी, छोटे ठेकेदारों का टिक पाना बहुत मुश्किल

-जिले में 160 दुकानों के लिए होगा ई-ऑक्सन

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Liquor shops become expensive, it is very difficult for small contract

शराब दुकानें हुई महंगी, छोटे ठेकेदारों का टिक पाना बहुत मुश्किल

झालावाड़.ई आबकारी नीति में अब पूरी तरह से पंूजीपतियों का बोलबाला रहेगा। छोटे ठेकेदार के लिए इस व्यवसाय में टिक पाना बहुत मुश्किल होगा। प्रत्येक दुकान की सेल व गारंटी सरकार के पास होने से उसकी ई.नीलामी भी उसी हिसाब से होगीए जिसके चलते कमाई के सौदे को देख जानकार ही इस धंधे में भाग्य आजमाएंगे। आबकारी विभाग को भी पूरे राज्य में दुकानों के सेलटमेंट करने में पसीना आएगा।
राज्य सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 जारी कर लॉटरी सिस्टम को खत्म करने के साथ ही सभीदुकानों को कंपोजिट कर दिया है। यानी अब हर दुकान पर देसी-अंग्रेजी शराब एक साथ बिकेगी। इसके अलावा हर दुकान की ई.नीलामी होगी। सरकार ने इस नीति में एक व्यक्ति को जिले में अधिकतम दो व राज्य में पांच दुकानें ही देने के लिए ही अधिकृत कर मोनापॉली तोडऩे का प्रयास किया होए लेकिन हकीकत में अब धंधे में पंूजीपति ही पैसा लगाएंगे। वे एक एरिया में अलग.अलग नाम से पूरी दुकानों को चेन सिस्टम बनाकर कमाई करेंगे। ठेकेदार प्रति दुकान की राशि व चेन सिस्टम से कमाई की गणित निकालने में जुट गए है। ठेकेदारों का कहना है कि इस पॉलिसी में छोटे ठेकेदारों का टिक पाना बहुत मुश्किल होगा।
सरकार की आय सुनिश्चित-
अंग्रेजी व देसी की प्रत्येक के गारंटी के सिस्टम मेंआने से सरकार की आय सुनिश्चित हो गई कि इतना राजस्व
तो यहां से मिलेगा ही। जिले में गत बार सरकार को आवेदनों से करीब 37 करोड़ रूपए का राजस्व मिला था। अब नई नीति के तहत आवेदन शुल्क बढऩे से विभाग के राजस्व में काफी बढ़ोतरी होगी।

कंपोजिट की पूरी राशि राजकोष में होगी जमा-
नई आबकारी नीति में स्पेशल वेंड पूरी तरह से खत्म हो गया है। इसके लिए जमा होने वाली कंपोजिट की पूरी राशि राजकोष में जमा होगी। पहले वेंड फीस की राशि ठेकेदार को मिल जाती थीए जो अब नहीं मिल पाएगी।

बढ़ गया मूल्य-
हर दुकान को कंपोजिट किया गया हैए यानी अंग्रेजी व देशी एक साथ बिकेगी। ठेकेदार को एक्साइज ड्यूटी के अलावा अंग्रेजी का अतिरिक्त आबकारी शुल्क भी जमा करवाना होगा।तो निश्चित रूप से प्रति दुकानों को मूल्य ज्यादा बढ़ेगा। इसके अलावा पुरानी गारंटी राशि में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से यह भी जमा करवाना होगी।
50 प्रतिशत राजस्थान निर्मित उठानी होगी-
पूर्व में देसी के वार्षिक भराव पेटे 30 प्रतिशत राजस्थान निर्मित व 70 प्रतिशत देशी मदीरा गारंटी थीए लेकिन अब सरकार ने दोनों की गारंटी 50.50 प्रतिशत कर दी। यानी अब राजस्थान निर्मित भी 50 प्रतिशत बेचनी होगी। लोगों को इस लीकर का चस्का लगाने में ठेकेदार को पसीना आएगा। इसकी पूर्ति ठेकेदार अंग्रेजी में महंगी ब्रांड की उठाकर एक्साइज पूरी करेंगे।

फैक्ट फाइल..
. जिले में अब कंपोजिट दुकाने-160
. पंाच चरणो में होगी ई-नीलामी
चरण दुकानें
प्रथम 23 फरवरी36
दूसरा 24 फरवरी 45
तीसरा 25 फरवरी 32
चौथा 26 फरवरी 31
पांचवा 27 फरवरी 16

२३ फरवरी से होगी ई-नीलामी-
नई आबकारी नीति के तहत 12 फरवरी से 22 फरवरी तक पंजीयन किया जाएगा। 23 फरवरी से ई.नीलामी होगी। एक व्यक्ति राज्य में अधिकतम पांव व जिले में 2 ही दुकाने ले सकता है।
डॉ.परमानन्द पाटीदार, जिला आबकारी अधिकारी,झालावाड़।