
हरिसिंह गुर्जर। इस बार गर्मी सारे रेकॉर्ड तोड़ रही है। भीषण गर्मी से बचाव के लिए लोग चौबीसों घंटे कूलर-पंखों और एसी का सहारा ले रहे हैं। यही कारण है कि इस साल अप्रेल-मई में झालावाड़ जिले में रेकॉर्ड 22 करोड़ 85 लाख यूनिट से अधिक बिजली की खपत हो चुकी है। पिछले साल यह आंकड़ा 19 करोड़ यूनिट तक ही पहुंचा था। दूसरी तरफ निगम से बिजली की आपूर्ति पिछले साल के बराबर ही मुश्किल से मिल पा रही है। इससे बिजली निगम को मांग और आपूर्ति में सामंजस्य बैठाने में पसीना बहाना पड़ रहा है।
झालावाड़ के लोगों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। गर्मी के महीने हों अथवा सर्दी का मौसम, बीते दो साल से पिछले साल के मुकाबले उसी महीने में करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली खपत बढ़ रही है। अप्रेल- मई 2023 के मुकाबले इस बार 2024 में तो करीब 3 करोड़ 17 लाख 2 हजार यूनिट बिजली की खपत ज्यादा हुई है।
झालावाड़ शहर में घरों और प्रतिष्ठानों पर सोलर प्रोजेक्ट लगाने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसकी बड़ी वजह महंगी बिजली मिलना है। सोलर प्रोजेक्ट लगाने से लोगों को बिजली बिल से छुटकारा मिल जाता है। इसका असर मितव्ययिता से बिजली के उपभोग की आदत पर भी पड़ा है। सोलर प्रोजेक्ट से उत्पादित होने वाली बिजली सीधे डिस्कॉम को जाती है। उपभोक्ता बिजली कनेक्शन से बिजली लेकर उपभोग करता है। इसका बिल उपभोग की बिजली और डिस्कॉम को दी बिजली में अंतर के अनुसार बनाया जाता है।
झालावाड़ शहर और पैराफेरी में बिजली आपूर्ति का कार्य जयपुर डिस्कॉम के हाथों में है। ऐसे में निगम से जितनी बिजली मिलती है, डिस्कॉम उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाता है। बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, वहीं पुराने बिजली कनेक्शनों पर स्वीकृत विद्युत भार को लोग बढ़वा नहीं रहे। इससे बिजली आपूर्ति सिस्टम अपग्रेड नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ताओं को वर्तमान की जरूरत के अनुसार कनेक्शन का विद्युत भार बढ़वाना चाहिए। उसी अनुरूप क्षेत्र के ट्रांसफार्मर और लाइनों को भी उसके अनुरूप अपडेट किया जाता है। यही वजह है कि ट्रांसफार्मर में ओवरलोड होने पर फाल्ट आने की परेशानी आती है। इससे शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार फाल्ट आने के चलते लाइट गुल हो रही है। जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की सी आंधी चलते ही लाइट गुल होना आम बात है।
जिले में कई उपभोक्ताओं के चोरी छीपे एसी चल रहे हैं। गत दिनों पिड़ावा में एक पूर्व मंत्री के घर भी चोरी की बिजली से घर के एसी चलते हुए जयपुर डिस्कॉम के अधिकारियों ने पकड़ा था। उसके बाद जुर्माना लगाया गया है। सूत्रों ने बताया कि जिले में ऐसे कई केस है, जिनमें चोरी छीपे एसी व घर की बिजली चलाई जा रही है। शहर में ही पीलखाना, ईदगाह, इमामबाड़ा, मंगलपुरा, बड़े बाजार, नगर परिषद के आस-पास सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में बिजली चोरी की जा रही है।
जिन घरों में पंखे थे, उनमें कूलर आ गए। कूलर वाले घरों में एसी।
छोटे फ्रिज की जगह बड़े फ्रिज ले रहे है।
बाजारों में वाटर कूलरों की संख्या बढ़ी।
वाशिंग मशीन, रसोई के उपकरणों और इनवर्टर का उपयोग बढ़ा।
पहले किसी घर में दो ही कूलर थे, वहां अभी हर कमरे में कूलर लगा लिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक वाहन भी घरों पर चार्ज किए जा रहे हैं।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत बढ़ी।
जिले में गत वर्ष के मुकाबले 65 फीसदी अधिक एसी व कूलर की बिक्री हुई है।
जिले में कुल बिजली कनेक्शन-219351
घरेलू श्रेणी के कनेक्शन-159675
कमर्शियल श्रेणी कनेक्शन- 12234
जिले में कृषि श्रेणी के कनेक्शन-144409
स्माल इंडस्ट्री श्रेणी के कनेक्शन-1671
मीडियम इंडस्ट्री श्रेणी के कनेक्शन-493
लार्ज इंडस्ट्री श्रेणी के कनेक्शन-84
वाटर सप्लाई श्रेणी के कनेक्शन-276
सरकारी अस्पतालों के कनेक्शन-29
गर्मी में बिजली खपत बढ़ जाती है। जहां भी बिजली चोरी हो रही है। उसके लिए हमारी टीमें लगातार काम कर रही है। हर माह कर्मचारियों को एरियावाइज टारगेट देकर बिजली छीजत रोकी जा रही है।
- विजय अग्रवाल, अधिशाषी अभियंता, जयपुर डिस्कॉम, झालावाड़
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Published on:
10 Jun 2024 02:31 pm
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