Jhalawar. सुनेल. कोरोना से जंग लडऩे के लिए देशभर में टीकाकरण तेजी से चल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को टीके लगाने और पहली डोज लगा ली तो दूसरी डोज लगाने के लिए फोन घनघना रहे हैं साथ ही मोबाइल पर मैसेज भी भेज रहे हैं। टीकाकरण की आपाधापी में कई लोगों के पास टीके लगाने के गलत मैसेज भी आ रहे हैं। इससे लोग परेशान है। हैरानी की बात यह कि एक महिला की छह माह पहले मौत हो गई, उसके भी टीका लगाने का मैसेज मोबाइल पर आ गया। इस तरह के मैसेज से टीकाकरण के आंकड़ों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलेभर में वैक्सीन लगाने के लोगों के पास गलत मैसेज आ रहे हैं। इससे लोग परेशान है। जिन लोगों को दूसरी डोज नहीं लगी है, उनको भी डोज लगाने का लिंक भेजकर प्रमाण पत्र अपलोड करने की बात कही जा रही है। आंकडे दिखाने के लिए इस तरह का खेल तो नहीं किया जा रहा है, इसकी चर्चाएं हैं। हाल में सुनेल क्षेत्र के ढाबलाखींची मेंं स्वास्थ्य विभाग की वैक्सीनेशन टीम का एक अजब कारनामा सामने आया है। यहां एक मृतक महिला को ही टीम द्वारा कोरोना का वैक्सीन लगा दिया गया है। लालगंाव निवासी कान्तिबाई गुप्ता (75) की 7 मई 2021 को मौत हो गई। मरने से एक माह पहले पहला डोज लगवाया था। उनकी मौत के लगभग सात महीने बाद बेटे राधेश्याम गुप्ता के पास मोबाइल पर टीकाकरण विभाग से मैसेज आया कि 23 नवम्बर को कान्तिबाई गुप्ता के वैक्सीन का दूसरा डोज सफलतापूर्वक लग चुका है तथा वह मैसेज में दी गई लिंक पर क्लिक करके अपना वैक्सीन लगने का प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है। झालावाड़ निवासी नीतू तिवारी को शेड्यूल के अनुसार वैक्सीन लगाने का मैसेज भेज दिया गया है। जबकि नीतू का कहना है कि उन्होंने अभी दूसरी डोज नहीं लगाई है। फिर कैसे यह मैसेज आ गया है।