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राजस्थान की यह कलक्टर बेटियों को करवाएगी फ्री कोचिंग

locationझुंझुनूPublished: Feb 10, 2024 12:04:22 am

Submitted by:

Rajesh sharma

इस निशुल्क कोचिंग की शुरुआत शहीद महेन्द्र सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सोनासर से की जाएगी। इसे मॉडल कोचिंग सेंटर बनाया गया है। संस्था प्रधान मनीराम मंडीवाल ने बताया कि सभी तैयारियां कर ली गई है। शुरुआत पच्चीस छात्राओं से की जाएगी।

ias chinmayee gopal
जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल

राजेश शर्मा

IAS Chinmayee Gopal: राजस्थान के झुंझुनूं जिले की बेटियों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महंगी कोचिंगों में रुपए खर्च नहीं करने पड़ेंगे। उनको खुद के गांव व कस्बे के निकट ही कोचिंग की सुविधा मिलेगी। यहां एक्सपर्ट उनको संबंधित विषय पढाएंगे, साथ ही लाइब्रेरी की अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने इसके लिए मॉडल के रूप में सोनासर गांव के सरकारी स्कूल का चयन किया है। होली तक प्रथम चरण में ऐसे और कोचिंग सेंटर खोलने की योजना है। इसके लिए महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्योला, जिला साक्षरता अधिकारी कुलदीप खरबास व जिला पुस्तकालय के प्रभारी द्वारका प्रसाद सैनी को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।

यह सुविधाएं मिलेंगी

-कम्प्यूटर व इंटनरेट

-बैठने के लिए टेबल, स्टूल, कुर्सी
-प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें, गाइड, सीरीज

-एक्सपर्ट की सुविधा
-सीसीटीवी कैमरे की निगरानी।

-समाचार पत्र, मैग्जीन
-बिजली, पेयजल


सोनासर बनेगा मॉडल

इस निशुल्क कोचिंग की शुरुआत शहीद महेन्द्र सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सोनासर से की जाएगी। इसे मॉडल कोचिंग सेंटर बनाया गया है। संस्था प्रधान मनीराम मंडीवाल ने बताया कि सभी तैयारियां कर ली गई है। शुरुआत पच्चीस छात्राओं से की जाएगी।

हर सप्ताह होगा टेस्ट
महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि बच्चों का हर सप्ताह ऑनलाइन टेस्ट भी लिया जाएगा। ताकि पता चले उनकी तैयारी कैसी है। कहां कमजोरी है। इसके लिए वहां के उप प्रधानाचार्य को मेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए कोचिंग सेंटरों से अनुबंध भी किया जा रहा है।

इनका कहना है
शुरू में इस कोचिंग सेंटर में बालिकाओं का प्रवेश निशुल्क रहेगा। फिर बालकों को भी प्रवेश दिया जाएगा। सोनासर गांव से शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जिले में सौ जगह ऐसे सेंटर बनाने की योजना है। ताकि जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को महंगी कोचिंग व लाइब्रेरी पर रुपए खर्च नहीं करने पड़े। उनको उनके गांव व शहर के पास ही कोचिंग की सुविधा निशुल्क मिल जाए।

-चिन्मयी गोपाल, जिला कलक्टर झुंझुनूं

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