हनुमान जयंती को रहेगा सिद्धी योग

उदय कालीन पूर्णिमा तिथि मंगलवार को होने से हनुमान जन्मोत्सव मंगलवार 27 अप्रेल को मनाया जाएगा। इसी दिन सिद्धी योग भी पूरे दिन रहेगा। इस योग में भक्तों की सभी मनोकामनाएं राम भक्त हनुमान पूर्ण करेंगे। हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष स्वाति नक्षत्र का संयोग भी रहेगा।

By: Rajesh

Updated: 22 Apr 2021, 10:58 PM IST

# hanuman jayanti 2021
झुंझुनूं. अंजनी के लाल राम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव इस बार 27 अप्रेल मंगलवार को मनाया जाएगा। चैत्र शुक्ला पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है। इस बार पूर्णिमा तिथि सोमवार को दोपहर 12.44 से शुरू होगी और मंगलवार को प्रात 9 बजे तक रहेगी। उदय कालीन पूर्णिमा तिथि मंगलवार को होने से हनुमान जन्मोत्सव मंगलवार 27 अप्रेल को मनाया जाएगा। इसी दिन सिद्धी योग भी पूरे दिन रहेगा। इस योग में भक्तों की सभी मनोकामनाएं राम भक्त हनुमान पूर्ण करेंगे। हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष स्वाति नक्षत्र का संयोग भी रहेगा। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार हनुमान जन्मोत्सव मंगलवार को होने से विशेष फलदाई है, लेकिन वर्तमान में कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते हनुमानजी के मंदिरों में सूक्ष्म रूप से ही जन्मोत्सव का कार्यक्रम होगा।

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इस दिन यह करें
भगवान हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए भक्तों को रामायण, रामचरित मानस का अखंड पाठ, सुंदरकाण्ड का पाठ, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान बाहुक का पाठ करना चाहिए। हनुमान जी को भगवान भोले का अवतार मानने के साथ ही कलयुग का देवता भी माना गया है। सूर्यपुत्र और भगवान शिव के अंशावतार भगवान हनुमान की रोजाना पूजा करने से जीवन में संकटों से मुक्ति मिलती है। जिन लोगों की कुंडली में शनि जैसे ग्रह अशुभ प्रभाव डालते हैं, हनुमान जी की पूजा से ऐसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। भगवान् हनुमान को खुश करने के लिए चोला चढ़ाना चढ़ाना चाहिए। सुगन्धित तेल और सिंदूर चढ़ाएं। हनुमानजी को चूरमे के लड्डू का भोग केले और सेब का प्रसाद विशेष प्रिय हैं।

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शुरू हुई शादियां, 20 जुलाई तक बजेंगी शहनाई

झुंझुनूं. रामनवमी के अबूझ मुहूर्त के साथ फिर से शादियां शुरू हो गई। विवाह के लिए विशेष शुक्रग्रह उदय हो गया है। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस महीने शुक्र के उदय होने के बाद रामनवमी को पहला विवाह मुहूर्त रहा। इसके बाद 24 से 30 अप्रेल तक यानी 7 दिनों तक लगातार शादियों का दौर रहेगा। इस तरह अप्रेल में मांगलिक कार्यों के लिए कुल 8 दिन रहेंगे। शुक्र उदय होने के साथ इस दौरान देवताओं के गुरु बृहस्पति भी शुभ स्थिति में रहेंगे। 20 जुलाई तक 37 विवाह मुहूर्त रहेंगे। इनमें अप्रेल में 8 और मई में सबसे ज्यादा 15 दिन शादियां हो सकेंगी। जून में 9 और जुलाई में 5 दिन विवाह के मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद जुलाई में 20 तारीख को देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्य फिर थम जाएंगे।
शुक्र ग्रह के उदय होने से इसके शुभ फल मिलते हैं। शुक्र ग्रह वैवाहिक जीवन, सुख और भोग विलास का कारक है। इसके उदय होने के प्रभाव से दांपत्य सुख बढ़ता है। कुछ लोगों की सेहत संबंधी परेशानी भी दूर होती है।

विवाह मुहूर्त
अप्रेल: 24, 25, 26, 27, 28, 29 और 30
मई: 1, 2, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 26, 28, 29 और 30
जून: 3, 4, 5. 16,19, 20, 22, 23 और 24
जुलाई: 1, 2, 7, 13 और 15

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