नेपाल निवासी बच्चों के लिए दुबई से आई मदद

चिड़ावा के मटाणा निवासी बेगराज कुमावत दुबई में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान पत्रिका का ई पेपर व वेबसाइट पर खबर पढ़कर दिल पसीज गया। उन्होंने अपने बाकरा निवासी रिश्तेदार व महावीर इंटरनेशनल के नितिन अग्रवाल के माध्यम से पचास हजार रुपए की राशि बच्चों को दी।

By: Rajesh

Published: 10 Jun 2021, 11:04 PM IST


झुंझुनूं. कोरोना में जान गंवाने वाले नेपाल निवासी मधु उर्फ मनोज विश्वकर्मा व सावित्री के तीनों मासूम बच्चों के प्रति झुंझुनूंवासी खूब अपनापन दिखा रहे हैं। खुद के बच्चों की तरह उनके लिए भोजन, नकदी सहित हर संभव मदद कर रहे हैं। चिड़ावा के मटाणा निवासी बेगराज कुमावत दुबई में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान पत्रिका का ई पेपर व वेबसाइट पर खबर पढ़कर दिल पसीज गया। उन्होंने अपने बाकरा निवासी रिश्तेदार व महावीर इंटरनेशनल के नितिन अग्रवाल के माध्यम से पचास हजार रुपए की राशि बच्चों को दी। उन्होंने बताया कि आगे भी वे बच्चों की मदद करते रहेंगे।

# Help from Dubai for Nepal resident children
कृष्ण गावडिय़ा ने दिए 11 हजार

बालाजी ग्रुप के चेयरमैन कृष्ण गावडिय़ा ने तीनों बच्चों के लिए सामान रखने के दो बड़े बैग व ग्यारह हजार रुपए की नकद सहायता बच्चों को दी। इसके अलावा जिले के एक निजी स्कूल संचालक ने 11 सौ रुपए का गुप्तदान बच्चों को दिया।


बाकरा मोड के व्यापारियों ने जुटाए 22 हजार

बाकरा मोड के व्यापारियों ने 22 हजार रुपए एकत्रित कर बच्चों को दिए। व्यापारी महेन्द्र ङ्क्षसह ने बताया कि राजस्थान पत्रिका में बच्चों की पीड़ा देखकर व्यापारियों ने बैठक की। व्यापारी जयप्रकाश, महेन्द्रङ्क्षसह, सीताराम सैनी, राज भूरासरिया, रामसिंह बाकरा, सुनील सिहाग, रजनीश भैड़ा, अनिल मिस्त्री, श्रवण कुमार, महेन्द्रङ्क्षसह छापोला व लादूराम ने बच्चों की मदद की। सभी व्यक्तियों व संगठनों ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नरेश बारोठिया व बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक प्रिया चौधरी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष गायत्री शर्मा व विकास राहड़ के माध्यम से बच्चों को सहायता राशि दी। शिक्षक विजय कुमार जानू व पूर्व प्रधानाचार्य हवाङ्क्षसह पूनिया ने भी बच्चों की लगातार मदद कर रहे हैं।


प्रिया चौधरी व नरेश बारोठिया ने की सहायता

राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर उमरदीन खान ने भी गंभीरता लिया। कलक्टर ने व्यक्तिगत रूप से रूची दिखाते हुए बच्चों को नेपाल भेजने के लिए कागची कार्रवाई पूरी करवाई। सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति समेत अनेक सरकारी विभागों ने बच्चों को नेपाल भेजने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करवाई। अधिकारी सुबह ही बच्चों के घर भी पहुंचे। इस दौरान बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक प्रिया चौधरी व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नरेश बारोठिया ने भी बच्चों की मदद की।

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