गुड़ा ढहर की सब्जियों का स्वाद सबसे है अलग

राजस्थान के झुंझुनंू जिले के गुड़ा गांव में लगने वाली सब्जी मंडी में यहां की सब्जियों का मुख्य स्थान रहता है। यहां के किसानों की विशेषता है कि वे रासायनिक खाद व कीटनाशकों का उपयोग कम करते हैं, इस कारण यहां की सब्जियां सेहत के लिए ज्यादा अच्छी है। स्वाद भी सबसे अलग है।

By: Rajesh

Published: 17 Sep 2020, 10:45 PM IST

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पचलंगी. गांव गुड़ा ढहर में लोगों की रोजी -रोटी का मुख्य साधन खेती बाड़ी व पशु पालन है। आस-पास के गांवों में गुड़ा ढहर की मिर्च, मेथी, गोभी, लहसुन सहित अन्य तैयार सब्जियां व व्यापारिक फसल आस-पास की मंडियों में जाती है। राजस्थान के झुंझुनंू जिले के गुड़ा गांव में लगने वाली सब्जी मंडी में यहां की सब्जियों का मुख्य स्थान रहता है। यहां के किसानों की विशेषता है कि वे रासायनिक खाद व कीटनाशकों का उपयोग कम करते हैं, इस कारण यहां की सब्जियां सेहत के लिए ज्यादा अच्छी है। स्वाद भी सबसे अलग है। गांव के भूदा राम सैनी, मोहन लाल सैनी,महावीर सैनी सहित अन्य ने जानकारी दी कि सब्जियां उत्पादन में गांव का नाम प्राचीन काल से रहा है। गोकुल ,रामस्वरूप सैनी सहित अन्य ने जानकारी दी कि नीमकाथाना, चौफूल्या , गुढा, उदयपुरवाटी व चंवरा तक यहां की सब्जी जाती है। वहीं अब गुड़ा ढहर के पहाड़ी हिस्से में पानी की कमी होने के कारण सब्जी उत्पादन में कमी आई है।

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महिला बनेगी पहली सरपंच
हाल ही में हुए पंचायतों के परिसीमन में उदयपुरवाटी उपखंड के गुड़ा गांव का राजस्व गांव गुड़ा ढहर स्वतंत्र रूप से पंचायत बना है। पहली बार गांव के लोग अपने गांव की सरपंच चुनेंगे। गांव के सांवरमल शर्मा,सुभाष चन्द सैनी, प्रकाश सैनी सहित अन्य ने जानकारी दी कि गांव ढाणियों में बसा होने के कारण इस का नाम गुड़ा ढहर है। गांव में पहली बार सरपंच के लिए समान्य महिला सरपंच सीट आई है। नरेश सैनी, दुर्गा प्रसाद, रामनिवास सैनी सहित अन्य ने जानकारी दी कि गांव के पश्चिम दिशा में गुड़ा गांव है। उत्तर व पश्चिम सीमा पर नेवरी गांव है। पूर्व में खेतड़ी के कंाकरिया की काटली नदी की सीमा है। गांव के मध्यम में पूर्व दिशा में प्राचीन देवलक्या बालाजी मंदिर स्थित है। उत्तर दिशा में जोहड़ी में शिवालय स्थित है।


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इस से पूर्व गुड़ा ढहर गांव गुड़ा पंचायत का राजस्व गांव था। गांव के कालू राम शर्मा,हीरा लाल सैनी,मूल चन्द सैनी सहित अन्य ने जानकारी दी कि नए परिसीमन में पंचायत के रूप में अलग से गांव का स्वरूप बदला ।

यह पहुंचे उच्च पदों पर -
लोकेश शर्मा सार्वजनिक निर्माण विभाग में कनिष्ट अभियंता के पद पर सीकर कार्यरत है। महेश सैनी कनिष्ट अभियंता विद्युत वितरण निगम गुढ़ा में कार्यरत है। शंकर लाल सैनी लेखाकार चिराना में कार्यरत है। वहीं गांव के कई युवा पुलिस ,सेना सहित अन्य सरकारी नौकरियों में कार्यरत है।

पहचान -
गांव में स्थित देवलक्या बालाजी धाम की आस-पास के गांवों में मान्यता है। धाम के पुजारी राजू स्वामी ने बताया कि यह प्राचीन स्थान है । मंदिर में बालाजी की मूर्ति स्थापित है। धाम में जन्माष्टमी पर्व पर धार्मिक आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर गांव के सभी लोग एकत्रित होते हैं । वहीं कृष्ण जन्मोत्सव के बाद रात्रि में प्रसाद वितरण किया जाता है।

समस्या -
गांव में पेयजल,सरकारी भवनों सहित गांव अभी सरकारी बस सेवा से भी नहीं जुड़ा हुआ है। गांव की चिकित्सा व्यवस्था भी चरमराई हुई है। ग्रामीणों को आस है कि पंचायत गठन होने के बाद में गांव के विकास को गति मिलेगी ।

जनसंख्या
जनसंख्या -4354
घर -915
साक्षरता दर 57.1 प्रतिशत
[वर्ष 2011 के अनुसार ]

Rajesh Desk/Reporting
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