
ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों की नौकरी होगी स्थाई
ग्राम सेवा सहकारी समितियों में काम करने वाले व्यवस्थापकों के लिए खुशखबरी है। सहकारिता विभाग में काम कर रहे अस्थाई व्यवस्थापकों को सरकार स्थाई कर रही है। इन व्यवस्थापकों के संख्या 1500 है जो अब सभी स्थाई हो रहे हैं। इस बारे में सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया है कि जिला स्तरीय स्क्रिनिंग कमेटी द्वारा 31 अगस्त तक स्क्रिनिंग कर व्यवस्थापकों को स्थाई कर दिया जाएगा। ऐसा होने पर प्रदेश में काम कर रहे लगभग 1500 व्यवस्थापकों को नियमित ग्रेड-पे समेत अन्य सुविधाएं मिलेंगी। गौरतलब है कि काफी समय से व्यवस्थापकों की स्क्रिनिंग को लेकर समस्याएं सामने आ रही थीं। इस वजह से जिला स्तरीय स्क्रिनिंग कमेटी से स्क्रिनिंग कराने का निर्णय लिया गया है।
लिपिक ग्रेड-2 के 12 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के आदेश निरस्त
राज्य सरकार की ओर से लिपिक ग्रेड द्वितीय के पद पर चयनित 12 अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिए हैं। इन अभ्यर्थियों को विधि विभाग के बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद इन्होंने ज्वाइनिंग की। इस वजह से विभाग को यह कदम उठाना पड़ा है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय संयुक्त भर्ती परीक्षा-2013 में चयनित अभ्यर्थियों में से प्रशासनिक सुधार विभाग ने 84 अभ्यर्थी आवंटित किए थे।
62 अभ्यर्थियों के जारी हुए थे आदेश
विधि विभाग ने इनमें से 62 अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी किए थे, लेकिन 9 अप्रेल को जारी नियुक्ति आदेश की पालना में ज्वाइनिंग करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति को निरस्त किया गया है। आरपीएससी को भी इसकी जानकारी भेज दी गई है। विधि विभाग के मुताबिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति निरस्त की गई है उनमें सचिन कुमार मंडीवाल, जगदीश प्रसाद शर्मा, मुकेश कुमार यादव, चंद्रपाल, श्याम सुंदर शर्मा, बसंत कुमार भिंडा, नरेंद्र कुमार वर्मा, सोहनलाल विश्नोई, राजेश बिश्नाई, सुभाष कुमार पूनिया, मीना शर्मा और गरीब राम कड़वासरा शामिल हैं।
Published on:
24 Jul 2018 10:55 am
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