
rakshabandhan specail
- इस साल ६८७ राखियां विदेश भेजी गई, २३३ डाक अमरीका की, १७८ लंदन की
- एक लाख राखियां शहर में आई, ८५ हजार बाहर गई
रेशम के धागों ने सोशल मीडिया पर चल रही वर्चुअल राखियों को बौना साबित कर दिया है। वाट्सएप, फेसबुक, स्काइपी, टेलीग्राम जैसे बड़े सोशियल प्लेटफॉर्म को छोड़कर जोधपुर की ६८७ बहनों ने विदेशों में रहने वाले अपने भाइयों को राखियां भेजी। सर्वाधिक राखी अमरीका भेजी गई। वहां न्यूयॉर्क, ओहायो, मैनहेट्टन, न्यूजर्सी, फिलाडेल्फिया की डाक जोधपुर से गई। दूसरे स्थान पर ग्रेटब्रिटेन का लंदन रहा। तीसरा स्थान खाड़ी देशों का है। इसके अलावा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड, सिंगापुर, हांगकांग, चीन, रुस, मॉरीशस, थाईलैण्ड जैसे देशों में भी डाक से राखियां भेजी गई।
रक्षाबंधन पर्व के मौके पर एक पखवाड़े से डाक से राखियां डाक भेजने का सिलसिल शुरू हो गया है। करीब-करीब सभी तरह की डाक भाइयों तक पहुंच गई है। उधर, विदेश से भी डाक में राखियां जोधपुर आई हंै। राखी के मौके पर करीब एक लाख लिफाफे जोधपुर से भेजे गए और ८५ हजार लिफाफे यहां आए हैं। सावन के महीने में राखी सुरक्षित पहुंचे, इसके लिए भी डाक विभाग ने वाटर प्रूफ लिफ ाफ ों का प्रबंध किया था। प्रवर डाक अधीक्षक बीआर सुथार ने बताया कि प्रधान डाकघर द्वारा 5 हजार 342 लिफ ाफ ों की बिक्री की गई।
पहले डाक बांटी, फिर राखी बांधी
डाक सेवाएं निदेशक कृष्णकुमार यादव ने बताया कि रेलवे स्टेशन स्थित मुख्य डाकघर **** अन्य डाकघरों में रविवार रात और सोमवार सुबह ट्रेनों से कुछ और राखी की डाक पहुंची। डाक विभाग ने डाकियों को राखी डाक को प्राथमिकता के साथ लेने के निर्देश दिए थे। एेसे में डाकिए सुबह-सुबह डाकघर पहुंच गए और राखी डाक को राखी के दिन भी तेजी के साथ घरों में पहुंचाया।
किस देश में कितनी राखी गई
अमरीका- २३३
ब्रिटेन- १७८,
यूएई- १५६,
कनाड़ा- ६२,
सिंगापुर- २१,
अन्य देश- ४४,
Published on:
8 Aug 2017, 1:56 PM IST
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