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डिस्कॉम ने जिला परिषद को भेजा 36 करोड़ का बिल, सरपंच बोले विकास कराएं या बिल भरें

-जिला परिषद पर जनता जल योजना का 36 करोड़ से अधिक का बिल बकाया-डिस्कॉम के पत्र पर जिला परिषद सीईओ ने विकास अधिकारियों को चेताया
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जोधपुर.
जिलेभर में जनता जल योजना बेपटरी हो रही है। ग्राम पंचायतों की ओर से योजना के तहत ट्यूबवेल के विद्युत कनेक्शनों के 36 करोड़ रुपए से अधिक के बिल का बकाया हैं। नियमानुसार विद्युत बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन कटाने का प्रावधान है और कनेक्शन कटे तो गांवों में पेयजल व्यवस्था गड़बड़ा सकती है।
जानकारी के अनुसार jodhpur discom डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (जिला वृत्त) ने जिला परिषद को पत्र भेजकर बकाया 36 करोड़ 33 लाख 82 हजार रुपए अविलंब जमा कराने का आग्रह किया था। इस संबंध में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी विकास अधिकारियों को 11 फरवरी को पत्र प्रेषित कर 15 दिवस में भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक उसकी पालना नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि कुछ सालों पहले तक जनता जल योजना पहले जलदाय विभाग के जिम्मे थी, लेकिन जब से यह योजना ग्राम पंचायतों के जिम्मे आई, तब से परेशानी बढ़ रही है। ग्राम पंचायतों की ओर से बिलों का भुगतान समय पर नहीं करने जलापूर्ति का ढांचा गड़बड़ा रहा है। इसके अलावा पम्प सेट जलने, पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने तक कई दिनों तक मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।


सरपंच बोले, सरकार जारी करे विशेष फण्ड-

जनता जल योजना ग्राम पंचायतों को सुपुर्द करने के बाद सरपंचों को इनके बिलों का भुगतान राज्य वित्त आयोग पंचम योजना के निर्माण कार्य करवाने की राशि से करना पड़ रहा है। जालेली नायला के सरपंच सोहन चौधरी का कहना है कि जिले भर मेंं ग्राम पंचायतों पर जनता जल योजना का बकाया भार चढ़ रहा है। राज्य सरकार को जनता जल योजना के लिए अलग से विशेष फण्ड देना चाहिए। बेठवासिया सरपंच पप्पूराम जाखड़ का कहना है कि ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग पंचम से मिलने वाली राशि से जनता जल योजना के विद्युत बिलों का भुगतान, पंप चालकों का वेतन भुगतान, ग्राम पंचायत सहायकों का वेतन भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।