
फलोदी. मूंगफली का अग्रिम प्रक्ति प्रदर्शन
यहां खरीफ ऋतु में मूंगफली की फसल का विस्तार अधिक है और किसान उन्नत कृषि तकनीको को ध्यान में नही रखते हैं। जिससे खर्चा अधिक और उत्पादन कम मिल रहा हैं। इसलिए कृषि में खर्च कम करने व उन्नतत तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र, फलोदी द्वारा तहसील लोहावट के पल्ली-प्रथम गांव में 25 किसानों को खरीफ में मूंगफली की बुवाई हेतु बीज की किस्म एचएनजी-123 तथा सूक्ष्म पोषक तत्व की पूर्ति के लिए जिंक सल्फेट आदानो का प्रति किसान दो एकड़ का फसल प्रदर्शन दिया गया था।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र सिंह चांदावत ने कहा कि मूंगफली जैसी महत्वपूर्ण तिलहनी फसल में किसान वैज्ञानिक पद्धति नहीं अपनाते है। जिससे न केवल खेती में खर्च बढ़ जाता है, बल्कि काली जड़, काला घेरा व गोजा लट के समाधान के लिए जानकारी के अभाव में अंधाधुंध रासायनिक दवाओं का उपयोग करते है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कृषि विज्ञान केन्द्र के साथ रहकर वैज्ञानिक जानकारी से आधुनिक टेक्नोलॉजी का उचित उपयोग करके मूगफली का अधिकतम उत्पादन ले सकते हैं।
कार्यक्रम में शस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन पूनिया ने खेत दिवस के उद्देश्य बताए तथा प्रतिक्रिया ली। किसानों ने बताया कि आदानों से फसल में फैलाव तथा बढोतरी अच्छी हुई है। कार्यक्रम में पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. गजानंद नागल, प्रगतिशील किसान रामूराम, मांगीलाल, मनोहर, रिडमल, रमेश सहित किसान उपस्थित रहे। (कासं)
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Updated on:
10 Oct 2019 03:17 pm
Published on:
10 Oct 2019 03:17 pm
