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लोंगेवाला में मुंह की खाई, अब फिर पश्चिमी मोर्चे पर नापाक नजर

- राजस्थान सीमा से सटे इलाके में पाकिस्तान सेना की हरकत बढ़ी- जनरल बाजवा ने सिंध में देखी तैयारी
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लोंगेवाला में मुंह की खाई, अब फिर पश्चिमी मोर्चे पर नापाक नजर

लोंगेवाला में मुंह की खाई, अब फिर पश्चिमी मोर्चे पर नापाक नजर

सुरेश व्यास/जोधपुर. साल 1971 की लड़ाई में जैसलमेर के लोंगेवाला में अपने टैंकों का कब्रिस्तान देख चुका पाकिस्तान फिर पश्चिम मोर्चे पर नापाक नजरें गढ़ा रहा है। अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम के बीच राजस्थान से सटी सीमा के सामने वाले इलाके में पाकिस्तानी गतिविधियों में तेजी दिख रही है।

पाकिस्तानी सेना जैसलमेर के सामने वाले इलाके में डेजर्ट वारफेयर ड्रिल्स का अभ्यास कर रही है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पिछले गुरुवार को सिंध प्रांत के सक्कर इलाका स्थित पन्नो अकील सैन्य छावनी का दौरा किया है। इस दौरान पन्नो अकील की सालेहपेट फील्ड फायरिंग रेंज में पाक सेना की टैंक ब्रिगेड व इंन्फेंट्री के जवानों ने वारफेयर स्किल का प्रदर्शन भी किया। इससे एक दिन पहले बाजवा ने कराची स्थित कोर मुख्यालय का दौरा कर सैन्य तैयारियों का जायजा लिया।

सिंध से सटे सैन्य इलाकों का दौरा करने के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी वायुसेना मुख्यालय का दौरा कर पाकिस्तानी वायुसेनाध्यक्ष व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोपनीय ढंग से बनाई गई एयरस्पेस कमांड का जायजा लिया।

नजर भारत पर
बाजवा की ट्वीटर पर आई तस्वीरों से साफ है कि उनकी नजर भारत के नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर पर है। ओपन इंटेलीजेंस नेटवर्क के एक ट्वीटर अकाउंट पर इन तस्वीरों को जूम करके भी दिखाने के साथ आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान वायुसेना आईएएफ नेट को हैक करने की फिराक में है।

सिंध में नया एयरबेस
पाकिस्तानी वायुसेना गुजरात से सटी सीमा पर सिंध के थट्टा जिले में नए एयरबेस के रूप में विकसित कर रही है। पिछले साल दिसम्बर में यहां चीन और पाकिस्तानी वायुसेनाओं ने संयुक्त युद्धाभ्यास शाहीन का आयोजन किया था। चीन की वायुसेना के विमानों ने भी शिरकत की थी।

चीन-पाक गठजोड़
विशेषज्ञों का कहना है कि पाक सेना की गतिविधियों के साथ चीन-पाक के गठजोड़ को बारीकी से समझने की जरूरत है। गलवान में मार खाने के बाद चीन को भी समझ में आ चुका है कि भारतीय फौज से वन-टू-वन निपटना उसके लिए आसान नहीं है। ऐसे में वह भारत को दो मोर्चों पर उलझाने की कोशिश में है।