
विदेश में ही सामान की खरीद-बिक्री पर देना होगा जीएसटी
जोधपुर. सरकार ने गुड्स एण्ड सर्विस टेक्स (जीएसटी) कानून में फ रवरी 2019 में बदलाव कर किसी भारतीय कंपनी या निर्यातक द्वारा भारत के बाहर किसी विदेशी विक्रेता से सामान खरीदने व विदेश में ही सामान बेचने पर जीएसटी भुगतान नहीं करने का प्रावधान किया था। लेकिन ऑथोरिटी फ ोर एडवांस रुलिंग (एएआर) ने जीएसटी एक्ट के इस प्रावधान को अनदेखा कर मार्च 2020 में इस प्रकार के सौदे में जीएसटी भुगतान का फैसला दे दिया। इससे देशभर के निर्यातक असमंजस में पड़ गए।
एएआर ने यह किया
ऑथोरिटी फोर एडवांस रुलिंग के फैसले के अनुसार यदि कोई निर्यातक या उद्यमी भारत से बाहर विदेश में किसी ग्राहक से कोई ऑर्डर प्राप्त करेगा, और उसे भारत के बाहर विदेश में किसी अन्य देश में सामान की डिलीवरी कर देगा तो उसे इस सौदे पर जीएसटी का भुगतान करना होगा। इसमें विदेश स्थित वेंडर भारत की आवेदक कंपनी को विदेशी मुद्रा में इनवॉयस देगा और भारतीय कंपनी भी अपने ग्राहक को विदेशी मुद्रा में ही इनवॉयस जारी कर भुगतान लेगी। इस तरह के सौदों में सामान का भारत आना जरूरी नहीं होगा।
कर विशेषज्ञ बोले यह अनुचित
शहर के प्रमुख जीएसटी विशेषज्ञों के अनुसार एएआर का यह निर्णय मार्च में दिया गया है, जो अनुचति है। एएआर को फरवरी में जीएसटी एक्ट में हुए इस बदलाव पर विचार करना चाहिए था।
दुनियाभर में मर्चेंट टे्रड ट्रांजेक्शन (एमटीटी) पर कोई जीएसटी देनदारी नहीं बनती है, और भारत में भी पहले यही नियम था। एएआर के इस निर्णय से निर्यातक असमंजस में है।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
Published on:
08 Jul 2020 12:00 am
