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आधे घंटे में ढाई इंच बारिश, फिर दो दिन तक भारी बारिश की संभावना

Heavy Rain in Jodhpur: मानसून ( Monsoon 2019 ) के फिर से सक्रिय होने से सनसिटी में बुधवार दोपहर बाद तेज बरसात हुई। मूसलाधार ( Heavy Rain in Jodhpur ) बरसात से चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। आधे घंटे तक चली तेज बरसात में करीब ढाई इंच पानी बरसा...
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जोधपुर। मानसून ( Monsoon 2019 ) के फिर से सक्रिय होने से सनसिटी में बुधवार दोपहर बाद तेज बरसात हुई। मूसलाधार ( Heavy Rain in Jodhpur ) बरसात से चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। आधे घंटे तक चली तेज बरसात में करीब ढाई इंच पानी बरसा।

मौसम विभाग ( Rajasthan Weather Forecast ) ने शाम साढ़े पांच बजे तक 63 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की। जोधपुर में इस सीजन की यह तीसरी सबसे तेज बरसात थी। देर रात तक रुक-रुक कर बरसात का सिलसिला बना रहा। मौसम विभाग ( IMd ) के अनुसार अगले दो-तीन दिन बादल-बरसात का मौसम बना रहेगा। सूर्य नगरी में बुधवार को दोपहर 3 बजे एकाएक शहर में काली घटाएं गिराई और 3.45 बजे तक शहर में एक रस पानी बरसा। मूसलाधार बरसात से सडक़ों पर नाले बहने लग गए।

भीलवाड़ा: रह-रहकर होती रही बरसात ( Heavy Rain in Bhilwara )
भीलवाड़ा शहर में बुधवार दूसरे दिन भी मानसून मेहरबान रहा। सुबह से आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा। दोपहर में घनघोर घटाओं के साथ बरसात का दौर शुरू हुआ। करीब बीस मिनट तक अच्छी बरसात हुई। उसके बाद भी रह-रह कर बरसात होती रही।

चित्तौडगढ़़ एवं भदेसर में तीन-तीन इंच बारिश ( Heavy Rain in Chittorgarh )
चित्तौड़ जिले में बुधवार शाम 5 बजे समाप्त 24 घंटे में चित्तौडगढ़़ एवं भदेसर में 77-77, निम्बाहेड़ा में 61, बड़ीसादड़ी में 49, बेगूं व गंगरार में 30-30, भैसरोडगढ़़ में 25, कपासन में 23 एवं डूंगला में 16 मिमी. बारिश दर्ज की गई। पानी की भारी आवक के चलते गंभीरी बांध के सात छोटे गेट खुले हुए है।

चम्बल के बांध दो राज्यों में लाएंगे खुशहाली ( Chambal Dam )
राजस्थान-मध्यप्रदेश में हो रही झमाझम बारिश के चलते इस बार जीवनदायिनी चम्बल नदी पर बने बांधों में रेकॉर्ड पानी की आवक हुई है। 13 साल बाद चम्बल के सबसे बड़े बांध गांधीसागर के पांच स्लूज गेट खोले गए। चम्बल के बाधों में पानी की अच्छी आवक से किसानों को सिंचाई को पूरे सीजन पर्याप्त पानी मिल सकेगा। वहीं पीने के पानी का संकट भी नहीं रहेगा। चम्बल नदी पर गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज चार प्रमुख बांध हैं। चारों बांधों में पर्याप्त पानी आ चुका है।

ये जिले हुए प्रभावित
बांध के गेट खुलने से कोटा, सवाईमाधोपुर, करौली, धौलपुर में भी पानी की आवक बढ़ी।

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