नदी के किनारे आबाद गांवों में बजरी के अवैध खनन से गांवों में बढ़े अपराध

नदी के किनारे आबाद गांवों में बजरी के अवैध खनन से गांवों में बढ़े अपराध

Yamuna Shankar Soni | Publish: Sep, 03 2018 08:30:48 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

जालोर जिले में नदी किनारे आबाद गांवों में सक्रिय खनन माफिया की कारगुजारियों पर रोक की मांग

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

जोधपुर

राजस्थान हाईकोर्ट ने एतिहासिक बांडी नदी में जालोर जिले की भीनमाल तहसील के दासपां व कोरा गांव के आसपास अवैध बजरी खनन के मुद्दे पर सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

जस्टिस निर्मलजीत कौर व जस्टिस दिनेश मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश वहां के निवासी रतनसिंह और अन्य की ओर से दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई में दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्रसिंह और भवानीसिंह तंवर ने कहा कि एतिहासिक बांडी नदी पश्चिमी राजस्थान के पाली और जालोर जिले से होते हुए गुजरात के रणकच्छ तक प्रवाहित होती है।

 

लंबे समय से इस नदी के किनारे बसे दासपां व कोरा गांव के आसपास बजरी खनन माफिया बजरी का अवैध खनन कर रहे हैं। इससे अपराधिक प्रकरण बढ़ गए हैं। इस कारण बजरी का अवैध खनन बंद कराया जाना चाहिए।

 

याचिकाकर्ताओं को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश

 

राजस्थान हाईकोर्ट ने गत 31 जुलाई को जारी स्कू  ल टीचर्स ग्रेड तृतीय लेवल 2 हिंदी भर्ती 2018 के तहत टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को एकेडेमिक क्वालिफिकेशन में 5 प्रतिशत नियमित छूट नहीं दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका में नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने यह आदेश याचिकाकर्ता नरेशकुमार पटेल व 30 अन्य की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई में दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवकता विज्ञान शाह, निखिल डूंगावत और निहार जैन कहा कि इस भर्ती के लिए जारी विज्ञापन के क्लॉज 9.4 में कहा गया है कि उदयपुर, बांसवाडा, डूंगरपुर व प्रतापगढ आदि जिलों के टीएसपी क्षेत्र के ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को एकेडेमिक योग्यता के लिए मिलने वाली नियमित 5 प्रतिशत छूट नहीं दिए जाने की बात कही गई है। यह इस भर्ती के लिए जारी नियम 9.1 के विरुद्ध है। जबकि नॉन टीएसपी एरिया में यह छूट दी जा रही है। इससे याचिकाकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में शमिल नहीं किया जा रहा है।

 

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