9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

समूह में उड़ते हुए कृषि फार्म में गिरा कुरजां का नवजात

फलोदी (जोधपुर). खीचन में कुरजां के शीतकालीन प्रवास पर पहुंचने का सिलसिला जारी है। यहां सोमवार को कुरजां के एक समूह के यहां पंहुचने के दौरान एक नवजात पक्षी आकाश से एक कृषि फार्म में गिर गया।
2 min read
Google source verification
Migrant birds kurja in Khichan

समूह में उड़ते हुए कृषि फार्म में गिरा कुरजां का नवजात

फलोदी (जोधपुर). खीचन में कुरजां के शीतकालीन प्रवास पर पहुंचने का सिलसिला जारी है। यहां सोमवार को कुरजां के एक समूह के यहां पंहुचने के दौरान एक नवजात पक्षी आकाश से एक कृषि फार्म में गिर गया। यह कुरजां उडऩे में सक्षम नहीं थी। इस पर पक्षी प्रेमी सेवाराम माली आदि कुरजां को कृषि फार्म से लेकर आए तथा फलोदी के रेस्क्यू सेंटर में भर्ती करवाया।

वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. सुमित डूकिया ने बताया कि जब कुरजां शीतकालीन प्रवास के दौरान भारत पंहुचती है, तो इनके साथ छोटे बच्चे भी आते हैं। इतनी ज्यादा दूरी व हिमालय जैसी ऊंची पर्वतमाला को पार करना पक्षियों के लिए एक चुनौती होती है। जब कुरजां यहां पहुंचती है, तो अत्यधिक थकान के कारण इनके समूहों में साथ उड़ रहे बच्चे नीचे गिर जाते हैं तथा वापस उड़ नहीं सकते हैं।

कर रहे हैं पड़ाव स्थलों की पहचान
मंगोलिया से प्रतिवर्ष शीतकालीन प्रवास पर खीचन आने वाले मेहमान पक्षी कुरजां के खीचन में दस्तक देने के बाद अब पक्षी अपने पड़ाव स्थलों की जांच-पड़ताल में जुट गए हैं और धीरे-धीरे कभी चुग्गाघर, तो कभी तालाब पर जाकर सुरक्षा के लिहाज से पड़ाव स्थलों की पहचान कर हैं।

शीतकालीन प्रवास पर आए कुरजां पक्षी यहां करीब छह माह बाद वापस आए हैं। जिससे खीचन में कुरजां पड़ाव स्थल फिर से आबाद होने लगे है। अब तापमान में गिरावट के साथ ही यहां पक्षियों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो जाएगा। खीचन में अब तक करीब २ सौ पक्षी पंहुच चुके हैं। हालांकि अभी तक पक्षियों की यहां सुचारू दिनचर्या तो शुरू नहीं हुई है, लेकिन पड़ाव स्थलों पर पक्षी अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं।

5500 किमी का सफर तय करती हैं
करीब 5500 किमी का सफर तय प्रतिवर्ष खीचन आने वाले कुरजां 24 अगस्त को जोधपुर में देखी गई थी तथा २ सितम्बर को खीचन आई। खीचन पंहुचने के दौरान पक्षी आकाश में अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ते हुए देखे गए। उसके बाद पक्षियों ने अपने पड़ाव स्थलों पर विचरण करना शुरू कर दिया है।

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग