खुद सुन नहीं सकता फिर भी समझता है पशुओं का दर्द, अभीभूत कर देने वाली है निहालुदीन की गौ सेवा

खुद सुन नहीं सकता फिर भी समझता है पशुओं का दर्द, अभीभूत कर देने वाली है निहालुदीन की गौ सेवा

Harshwardhan Singh Bhati | Updated: 11 Jul 2019, 11:28:38 AM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय निहालुदीन पुत्र सादूखान की ओर से गायों के इलाज और सेवा देख लोग हैरान रह जाते हैं। वह सुन नहीं सकता लेकिन पशुओं का दर्द अच्छे से सुन सकता है और उनकी देखभाल के लिए तत्पर रहता है।

दिलावर सिंह राठौड़/बेलवा/जोधपुर. देशभर में जहां गौ तस्करी के नाम पर मॉब लिंचिंग की घटनाएं दिनोंदिन बढऩे लगी है। वहीं जिले के जियाबेरी गांव का इस्लामनगर अलग ही मिसाल पेश कर रहा है। यहां के बाशिंदे न सिर्फ गौ पालन को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि गौ सेवा के प्रति खासे सजग हैं। क्षेत्र व आसपास के कई परिवार अपने घरों में गौपालन कर रहे हैं। इनमें एक व्यक्ति ऐसा भी है जो गायों का हमदर्द है।

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क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय निहालुदीन पुत्र सादूखान की ओर से गायों के इलाज और सेवा देख लोग हैरान रह जाते हैं। वह सुन नहीं सकता लेकिन पशुओं का दर्द अच्छे से सुन सकता है और उनकी देखभाल के लिए तत्पर रहता है। इतना ही नहीं वह अपने निजी खर्चे से घायल पशुओं का इलाज करवाता है। इसके बाद उनके चारे-पानी का इंतजाम भी अपने ही स्तर पर करता है। उसकी इस संवेदना को देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह जाते हैं। वह बेसहारा पशुओं की देखभाल का जिम्मा भी निभाता है।

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