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MGH Jodhpur : मरीजों की जान जाएगी तभी जागेंगे अफसर!

- महात्मा गांधी अस्पताल में मापदण्ड के अनुरूप शुरू नहीं किए एचआइवी व हेपेटाइटिस-बी के कक्ष- पीब्ल्यूडी नहीं करवा रहा सेपरेशन का काम
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Patients are at risk of getting infected in MGH Jodhpur

Patients are at risk of getting infected in MGH Jodhpur

- मरीजों के संक्रमित होने का खतरा

जोधपुर.

शहर के सबसे पुराने महात्मा गांधी अस्पताल में एचआइवी व हेपेटाइटिस-बी मरीजों के भर्ती होने के बाद अन्य मरीजों के संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य व चिकित्सा मापदण्डों के अनुसार एचआइवी व हेपेटाइटिस-बी मरीजों के लिए भर्ती कक्ष या वार्ड अलग-अलग होने चाहिए। अस्पताल में इन मापदण्डों के अनुरूप सेपरेशन नहीं किया गया है। ऐसे में दोनों रोगों से ग्रस्त और उनके सम्पर्क में आने वाले अन्य मरीजों के संक्रमित होकर जान जाने का खतरा बना हुआ है।

अस्पताल प्रशासन की ओर से कई बार आग्रह करने के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग (मेडिकल यूनिट) की ओर से प्रथम मंजिल पर डायलसिस विंग में दोनों ही बीमारियों से ग्रसित मरीजों के अलग कक्ष में निर्माण पूरा नहीं किया गया। सेपरेशन नहीं होने के कारण दोनों ही बीमारियों के मरीजों के कारण अन्य मरीज भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

अस्पताल प्रशासन के अधिकारी भी इस संभावित खतरे को लेकर चिन्तित है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पीडब्ल्यूडी की मेडिकल विंग को पिछले सात माह से अवगत कराया जा रहा है कि दोनों कक्षों में सेपरेशन के कार्य नियमानुसार किया जाएं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इस खतरे को नजरअंदाज किए हुए हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी मेडिकल विंग के अधिशासी अभियंता से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।

एक साल से बाथरूम पर ताला

अस्पताल में प्रथम मंजिल पर डायलिसिस विंग का निर्माण अटका हुआ है। यहां एक साल से बाथरूम पर इसलिए ताला लगा है, क्योंकि बाथरूम का पानी ग्राउंड फ्लोर की ओपीडी बिल्डिंग में टपक रहा था। इसके समाधान के लिए भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गंभीर नहीं हैं।

इनका कहना है

अस्पताल में मापदण्डों के अनुसार एचआइवी व हेपेटाइटिस कक्ष के सेपरेशन के लिए पीडब्ल्यूडी को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कुछ कार्य होना बाकी है।
डॉ. पीसी व्यास, अधीक्षक, एमजीएच, जोधपुर