
उम्मीदों पर खरे उतरे फलोदी के ब्लड बैंक को सुवि धाओं की दरकार
महेश कुमार सोनी
फलोदी (जोधपुर). फलोदी क्षेत्र में रक्तदान के प्रति लोगों में काफी जागरूकता आई है। वहीं दूसरी तरफ फलोदी में नवस्थापित ब्लड बैंक रक्त उपलब्ध करवाकर मरीजों की जान भी बचा रहा है, लेकिन ब्लड बैंक में सुविधाओं की कमी के चलते रक्त संग्रहण में अपेक्षानुरूप वृद्धि नहीं हो पा रही है।
आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों, घायलों व प्रसूताओं को रक्त उपलब्ध करवाने के लिए राजकीय चिकित्सालय, फलोदी में जून 2018 से शुरू हुआ ब्लड बैंक उम्मीदों पर खरा उतर रहा है, लेकिन ब्लड बैंक में सुविधाओं की कमी है।
हालांकि ब्लड बैंक प्रशासन द्वारा ब्लड बैंक शुरू होने के बाद मात्र साढ़े तीन माह में 270 यूनिट रक्त उपलब्ध करवाया जा चुका है, ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने व जांच संबंधी कार्यों के लिए स्टाफ की कमी और एम्बुलेंस का अभाव मुसीबत बनी हुई है।
294 लोगों ने किया रक्तदान
ब्लड बैंक फलोदी में अब तक 294 लोग रक्तदान कर चुके हैं तथा 270 यूनिट रक्त मरीजों को उपलब्ध करवाया जा चुका है। कई मरीजों को रेयर ब्लड गु्रप जैसे एबी नेगेटिव, ओ नेगेटिव जैसे रक्त समूह का रक्त भी उपलब्ध करवाया है।
फिर कैसे मिले 24 घण्टे सेवाएं
ब्लड बैंक में वर्तमान में प्रभारी पैथोलॉजिस्ट, लैब तकनीशियन व मेल नर्स ही नियुक्त है। जिससे ब्लड बैंक से २४ घण्टे सेवाएं देने में परेशानी आती है। यहां स्वीकृत ३ लैब टैक्नीशियन व 4 लैब सहायकों की नियुक्तियां अब तक नहीं होने के कारण ब्लड संचालन में परेशानी आ रही है तथा कार्यरत स्टाफ के बाहर जाने की स्थिति में मुसीबतें खड़ी हो जाती है। गौरतलब है कि चिकित्सालय की लैब में भी ब्लड बैंक का प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। अन्यथा उसको भी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कभी-कभार लगाया जा सकता है।
एम्बूलेंस बिना कैसे करें शिविर
ब्लड बैंक के पास एम्बूलेंस नहीं है। जिससे फलोदी से बाहर के क्षेत्रों में आऊटरीच रक्तदान शिविर कर वहां से रक्त संग्रहण करने का काम करना संभव नहीं है। जबकि फलोदी क्षेत्र में कई संगठन व जागरूक समाजसेवी रक्तदान शिविरों के आयोजन में रूचि रखते है।
स्वैच्छिक रक्तदान माह आज से
सरकार के निर्देशानुसार फलोदी ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान माह अक्टूबर माह में न्यूनतम 6 रक्तदान शिविरों के आयोजन का प्रयास किया जा रहा है। ब्लड बैंक में 24 घण्टे सेवाएं जारी रखने के लिए कम से कम 5 का स्टाफ आवश्यक है। वहीं आऊटरीच शिविरों के लिए एम्बूलेंस की भी आवश्यकता है। उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया है।
-डॉ. सुनीता सोनी, प्रभारी, ब्लडबैंक, फलोदी।
Updated on:
30 Sept 2018 11:33 pm
Published on:
30 Sept 2018 11:33 pm
