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70 साल का हुआ राजस्थान हाईकोर्ट, 1935 में तत्कालीन महाराज उम्मेदसिंह ने 4.5 लाख रुपए में बनाया था

राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जोधपुर का 70वां स्थापना दिवस गुरुवार को मनाया गया। इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित समारोह में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट की विशेषताओं और न्याय क्षेत्र में बड़े फैसलों का जिक्र किया।
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rajasthan high court gets 70 year old, celebrated its anniversary

70 साल का हुआ राजस्थान हाईकोर्ट, 1935 में तत्कालीन महाराज उम्मेदसिंह ने 4.5 लाख रुपए में बनाया था

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जोधपुर का 70वां स्थापना दिवस गुरुवार को मनाया गया। इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित समारोह में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट की विशेषताओं और न्याय क्षेत्र में बड़े फैसलों का जिक्र किया। महासचिव प्रहलादसिंह भाटी ने बताया कि स्थापना दिवस पर सभी अधिवक्ताओं ने एक दूसरे को बधाइयां दी तथा मिठाइयां बाटी। इस अवसर पर अध्यक्ष रणजीत जोशी, उपाध्यक्ष सज्जनसिंह करणावत, सहसचिव गजेंद्रसिंह तंवर, पुस्तकालय सचिव डिंपल भाटी, कोषाध्यक्ष बीरबलराम विश्नोई सहित कई अधिवक्ता उपस्थित थे।

मात्र साढ़े चार लाख में बना था

राजस्थान उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक भवन पूर्व जोधपुर राज्य के चीफ कोर्ट के रूप में वर्ष 1935 में तत्कालीन महाराज उम्मेदसिंह द्वारा इंग्लैंड के किंग जार्ज पंचम की सिल्वर जुबली की याद में बनाया था। भवन का नक्शा इंग्लैंड के वास्तुशास्त्री वाल्टर जॉर्ज ए गोल्ड ने बनाया था। इस भवन का निर्माण तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर की देखरेख में जोधपुर निवासी गजधर हाजी मोहम्मद नागोरी सिलावट ने किया था। उस दौरान भवन के निर्माण कार्य में मात्र साढ़े चार लाख रुपए का खर्च आया था। भवन का उद्घाटन 18 फरवरी 1936 को तत्कालीन महाराजा उम्मेदसिंह ने विशेष राजकीय समारोह में किया था।