9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक्सपोर्ट इन्सेन्टिव लेना आसान, ऑटोमेटिक तरीके से मिलेगी मंजूरी

- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: नई स्कीम में करों का रिफण्ड व ज्यादा इन्सेन्टिव मिलेगा - जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक होंगे लाभान्वित
2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

Amit Dave

Nov 20, 2019

एक्सपोर्ट इन्सेन्टिव लेना आसान, ऑटोमेटिक तरीके से मिलेगी मंजूरी

एक्सपोर्ट इन्सेन्टिव लेना आसान, ऑटोमेटिक तरीके से मिलेगी मंजूरी

जोधपुर।

विश्वव्यापी मंदी व प्रतिस्पर्धा से देश का निर्यात उद्योग प्रभावित हुआ है। वहीं जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। सरकार की ओर से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने व निर्यातकों को दिए जाने विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं को आसान बनाया जा रहा है । वाणिज्य मंत्रालय के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) की ओर से मर्चेडाइज एक्सपोट्र्स फ्रॉम इंडिया (एमइआइएस) स्कीम में फेरबदल किया है। इस स्कीम के तहत एक्सपोर्ट इन्सेन्टिव (प्रोत्साहन) प्रक्रिया को आसान बनाते हुए लाभ लेने के लिए किए गए दावों को ऑटोमेटिक मंजूरी दी जाएगी। इसमें निर्यात पर लगे सभी प्रकार के करों का रिफण्ड व ज्यादा इन्सेन्टिव दिया जाएगा। एमइआइएस के तहत सरकार प्रोडक्ट और देश के अनुसार लगे शुल्क पर लाभ उपलब्ध कराती है। डीजीएफटी ने इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरफेस (इडीआइ) शिपिंग बिल्स के जरिए किए गए एक्सपोर्ट के मामले में एमइआइएस क्लेम एप्लीकेशंस को मंजूर किए जाने की ऑटोमेटिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

--

2020 में लांच होगी स्कीम

1 जनवरी से एमइआइएस के स्थान पर निर्यात उत्पादों पर शुल्कों और करों की छूट (आरओ डीटीइपी) स्कीम स्थान लेगी। सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का एक्सपोर्ट एक साल पहले की तुलना में 6 फ ीसदी से ज्यादा नीचे आ गया है।

---

बंदरगाहों पर गुड्स की क्लियरिंग में आएगी तेजी

सरकार की ओर से निर्यात के समय बंदरगाहों पर की जाने वाली प्रक्रिया को आसान किया जाएगा। अभी देश के बंदरगाहों पर गुड्स की क्लियरिंग में काफ ी समय लगता है। उदाहरण के लिए अमरीका व चीन के पोर्ट पर गुड्स क्लियरेंस में कुछ घंटे लगते है जबकि भारत में 1 दिन से ज्यादा समय लग जाते है। जोधपुर से जाने वाले कंटनरों को क्लियरेंस में कई दिन लग जाते है।

-

केवल प्रिंट व ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स अटेस्ट करेंगे अधिकारी

नए सिस्टम के तहत एमइआइएस के लिए ई-कॉमर्स मॉड्यूल क्षेत्रीय अधिकारी एमइआइएस एप्लीकेशंस को चेक नहीं करेंगे। इन्हें ऑटोमेटिक तरीके से मंजूरी मिलेगी। डीजीएफटी के अधिकारी केवल प्रिंट और ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स (अंश प्रमाण पत्र) अटेस्ट करेंगे। इससे समय व मेहनत की बचत होगी और दावों को तेजी से मंजूरी मिलेगी।

--

जोधपुर के निर्यातकों को मिलेगा लाभ

यह स्कीम जनवरी से लागू हो जाती है तो देश सहित जोधपुर के निर्यातकों को लाभ मिलेगा। जोधपुर के निर्यातकों को अभी ३-५ फीसदी इन्सेन्टिव मिल रहा है। नई स्कीम में अगर यह बढकर मिलेगा तो फायदा मिलेगा। इससे विश्वव्यापी मंदी का सामना करने में भी मदद मिलेगी।

डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोट्र्स एसोसिएशन

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग