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ज़़ोधपुर व पाली जिले में बर्ड फ्लू से कुरजां की मौत बनी रहस्यमय पहेली

  जोधपुर में दूसरे प्रजातियों के हजारों प्रवासी पक्षी अभी तक सुरक्षित, खींचन में 20 हजार कुरजां का डेरा
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ज़़ोधपुर व पाली जिले में बर्ड फ्लू से कुरजां की मौत बनी रहस्यमय पहेली

ज़़ोधपुर व पाली जिले में बर्ड फ्लू से कुरजां की मौत बनी रहस्यमय पहेली

जोधपुर. जोधपुर जिले के विभिन्न जगहों पर शीतकालीन प्रवास पर आने वाले हजारों मेहमां पक्षी कुरजां में फैल रही बर्ड फ्लू की बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। धीरे-धीरे आक्रमक हो रही महामारी के बावजूद दूसरे प्रवासी पक्षियों में यह बीमारी अभी तक रिपोर्ट नहीं होना वन विभाग अधिकारियों के लिए एक अबूझ पहेली बना हुआ है। इसके अलावा जोधपुर जिले के खींचन में करीब 20 हजार से अधिक कुरजां में से एक भी मौत नहीं होना भी आश्चर्यजनक है। जोधपुर जिले के कापरडा सेज के लवणीय क्षेत्र में 5 नवम्बर से कुरजां की मौत का शुरू हुआ सिलसिला देवळी नाडा, रामासनी तालाब, चांदीलाव, ओलवी, मामा नाडा बासनी व पाली जिले के सरदारसमंद तक जा पहुंचा है। जोधपुर शहर के करीब जाजीवाल कला सुमेर तालाब में दस से अधिक कुरजां उड़ान भरने की कोशिश में असफल होती नजर आई।

जोधपुर में 230 मृत और 57 घायल
जोधपुर जिले में 6 नवम्बर से 22 नवम्बर के मध्य हमें जलाशयों के आसपास 230 कुरजां पक्षी मृत अवस्था में और 57 गंभीर घायल अवस्था में मिले जिनमें से उपचार के समय 56 की मौत हो गई। पक्षियों में एवियन इन्फ्लूएंजा डिटेक्ट होने के बाद प्रोटोकॉल के तहत कुरजां का रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया है।

-रमेश कुमार मालपानी, उपवन संरक्षक जोधपुर

वायरस साथ लेकर ही जोधपुर पहुंचे कुरजां के कुछ समूह : मुख्य वन संरक्षक

हम बीमारी पर धीरे-धीरे नियत्रंण के प्रयास कर रहे हैं। सरदार समंद के जलाशयों पर स्पून बिल, सारस क्रेन, ई ग्रेट्स, कार्मोरेन्ट, फ्लेमिंगों सब सुरक्षित है लेकिन केवल कुरजां में यही बीमारी नजर आ रही है। हमें लगता है कि यह बीमारी केवल कुरजां में ही है जो यह वायरस लेकर पहुंची है। कुरजां में जो वायरस डिटेक्ट हुआ वह पक्षियों में कॉमन है। यह वायरस आक्रामक होता तो सभी पक्षियों की मौत अब तक हो जाती। कुरजां पक्षी साइबेरिया, मंगोलिया, चीन, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, पार कर यहां पहुंचते है। हो सकता है लंबे मार्ग के दौरान पड़ाव स्थलों के जल क्षेत्रों में कुछ गड़बड़ हो, लेकिन पक्षियों का फाइनल डेस्टिनेशन जोधपुर व पाली है। यह भी एक आश्चर्यजनक बात है कि खींंचन में अब तक एक भी कुरजां की मौत नहीं हुई है । पक्षियों में फैल रही बर्ड फ्लू बीमारी को पशुपालन विभाग की टीमें जांच में जुटी है। हम तो केवल उन्हें सहयोग कर रहे है।
-एसआरवी मूर्थि, मुख्य वन संरक्षक जोधपुर संभाग

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