
अनूठी फसल : बाजरे के पौधों पर आए तीन-चार फीट लंबे सिट्टे
भोपालगढ़ (जोधपुर) . जोधपुर व नागौर जिले की सरहद पर स्थित सोयला गांव के एक प्रगतिशील किसान रामपाल सोलंकी का खेत इन दिनों न केवल लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है, बल्कि रोजाना दर्जनों लोग उसके खेत में उगी बाजरे की फसल को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
किसान ने इस बार अपने खेत में नए किस्म के देसी बाजरे की बुआई की है और इसकी फसल पर आए सिट्टे तीन से चार फीट लंबे हैं। अमूमन बाजरे की फसल के सिट्टे अधिकतम एक-सवा एक फीट ही लंबे होते हैं। जबकि इस किसान के खेत में तीन-तीन, चार-चार फीट लंबे बाजरे के सिट्टे हर किसी को लुभा रहे हैं। लोग इनकी लंबाई देखकर अचरज में भी पड़ रहे हैं।
सोयला निवासी किसान सोलंकी ने बताया कि उसने इस बार नई किस्म के देसी बाजरे की बुआई की थी और अब यह फसल लगभग पककर तैयार हो गई है। इस बाजरे के सिट्टों की लंबाई 3 से 4 फीट है। साथ ही एक-एक पौधे की लंबाई भी सामान्य बाजरे की फसल में आने वाले 5 से 7 फीट लंबे डोकों से कहीं अधिक व करीब 11 से 13 फीट तक है। इससे किसान को सामान्य वैरायटी की तुलना में तीन से चार गुणा उत्पादन की उम्मीद है।
उसने पिछले वर्ष विदेश से 500 ग्राम बाजरे का बीज मंगवाकर डेमो किया था। जो कि बेहद सफल रहा। इस पर इस बार उसने करीब 3 बीघा से ज्यादा क्षेत्र के खेत में इस बीज की बुवाई की है। पूरे खेत में उगी बाजरे की फसल पर तीन-तीन, चार-चार फीट लंबे सिट्टे आए हैं। इस बाजरा की फसल से प्रति बीघा 15 से 20 क्विंटल तक उपज होने का भी अनुमान है। बाजरे के लम्बे पौधे होने की वजह से इसका चारा भी काफी ज्यादा होगा।
Updated on:
21 Oct 2020 12:08 am
Published on:
21 Oct 2020 12:08 am
