Lok Sabha Election 2019 : डिम्पल यादव के सामने भाजपा से प्रत्याशी बना यह शख्स, कह दी यह बड़ी बात

Lok Sabha Election 2019 : डिम्पल यादव के सामने भाजपा से प्रत्याशी बना यह शख्स, कह दी यह बड़ी बात

Neeraj Patel | Publish: Mar, 27 2019 03:07:53 PM (IST) | Updated: Mar, 27 2019 05:27:51 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

2014 लोकसभा चुनाव में डिम्पल यादव के दांत खट्टे करने वाले सुब्रत पाठक को एक बार फिर मिला बीजेपी से टिकट, होगा कड़ा मुकाबला

कन्नौज. 2014 लोकसभा चुनाव में डिम्पल यादव के दांत खट्टे करने वाले सुब्रत पाठक को एक बार फिर भाजपा ने डिम्पल के सामने प्रत्याशी बनाकर कन्नौज सीट से मुकाबला रोचक कर दिया है। ऐसे में जब पत्रिका की टीम ने उनसे डिम्पल यादव के सामने दोबारा चुनाव मैदान में उतरने को लेकर सवाल किये तो बड़ी ही बेवाकी से उन्होंने अपने उत्तर दिए।

सपा के गढ़ पर कहा यह

देखिए यह समाजवादी पार्टी का गढ़ कभी था ही नहीं यह बहुत पुराने समय से जनसंघ जनसंघ के बाद भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रहा है उसके बाद किन परिस्थितियों बीच में यह लोग आ गए थे और लेकिन 2014 में उनका जो गढ़ यह कहा जाता था वह गढ़ ध्वस्त हो चुका था। 2014 लोकसभा का चुनाव का परिणाम कैसे बदले गए आपको भी मालूम है कन्नौज की जनता भी जानती है लेकिन 2017 का चुनाव परिणाम सबको मालूम है। पांच में चार विधानसभा भारतीय जनता पार्टी जीती एक विधान सभा केवल महज दो हजार मतों से हम रह गए इसलिए गढ़ उनका पूरा ध्वस्त हो चुका है। इस बार सबके सामने आ जाएगा जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की धर्मपत्नी है, वहां से बड़े अंतर से चुनाव हार कर जाएंगी सब देखेंगे लोग देखेंगे देश देखेगा।

7 साल में पिकनिक मनाने ही आ जाती

अब यह तो आप उनसे पूछिए वह किन मुद्दों पर चुनाव लड़ने आई है 7 साल से सांसद डिंपल यादव क्या 7 बार भी कन्नौज आई है अगर 7 बार भी कन्नौज आ गई होती तो हम मानते बहुत बड़ी बात थी देश का प्रधानमंत्री अपने क्षेत्र में महीने में दो बार जा सकता है लेकिन यह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी यहां केवल क्या पिकनिक मनाने भी नहीं आ सकती अरे आकर कभी चाय पी जाती है या ना आती तो यहां के ऊपर मेहंदी घाट के गंगा के किनारे पिकनिक मना लेती। गंगा के किनारे ना पिकनिक मना पाती तो कम से कम आप पक्षी विहार में पिकनिक मनाने चली जाती बाबा गौरीशंकर के दर्शन कर लेती ना होता तो मैया अन्नपूर्णा देवी के दर्शन कर लेती नहीं कोई मतलब नहीं है घर से नहीं निकलना है सांसद बनना इसलिए के परिवार की बपौती है कन्नौज उनको पट्टा हुआ है इस बार कन्नौज की जनता उनको दिखाएगी की पट्टा नहीं हुआ है कि यह लोकतंत्र है लोकतंत्र जिसकी हत्या उन्होंने पिछली बार की थी । इस बार हत्या नहीं कर पाएंगे क्योंकि इस बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार है निष्पक्ष चुनाव होगा।

लोकसभा में कोई किटी पार्टी तो चल नहीं रही थी

देखिए मेरा जुड़ाव इस मातृभूमि से है मेरी पैदाइश इस यहां की मातृभूमि से इस मिट्टी में पढ़ा हूं इसमें इस मिट्टी में पैदा हुआ हूं इस मिट्टी में पला हूं इस मिट्टी में बढ़ा हुँ इस मिट्टी में खेला हूं इस मिट्टी से जो मेरा लगाव है वह डिंपल यादव का नहीं है अगर है तो बता दे दो लोकसभा में 7 साल से सांसद रही हैं कितनी बार कन्नौज की आवाज उन्होंने लोकसभा में उठाई । बता दे मुझे तो लगता नहीं लगता है एक बार भी उन्होंने कोई आवाज कन्नौज की लोकसभा में उठाई तो कन्नौज से आप लोकसभा में करने क्या गई क्या लोकसभा में कोई किटी पार्टी तो चल नहीं रही थी वह किटी पार्टी अटेंड करने गई थी लोकसभा में गई है कन्नौज की कोई मुद्दा के आवाज उठाएंगे नहीं तो काहे के लिए गई हैं निश्चित रूप से फर्क जनता देखेगी देखिए।

चुनौती पर कही यह बात

मेरे लिए डिंपल यादव को चुनौती नहीं है और मेरा तो सिर्फ भारतीय जनता पार्टी से ही लेना देना है। मैं पार्टी का ही कार्य करता हूं मैं नरेंद्र मोदी का सिपाही हूं और सिपाही क्या मैं अब तो सीधा सीधा नरेंद्र मोदी जैसा मैं भी एक चौकीदार हूं और आज कन्नौज के लोगों के बीच में जाऊंगा नरेंद्र भाई को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए और इस देश के प्रधानमंत्री रूपी माला में एक फूल कन्नौज से कमल का खिल के जाए यह मैं कन्नौज की जनता से अपील करूंगा। अब यह तो वक्त तय करेगा लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि भारी मतों से भारतीय जनता पार्टी कन्नौज जीतेगी।

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