बिकरू कांड: इस तरह हुई असलहों की सौदेबाजी, इस बसपा नेता के रेस्टोरेंट के पीछे असलहा किए गए थे टेस्ट

इसी की मदद से तीन लाख रुपये में दीपक दुबे की सेमी आटोमेटिक राइफल व अन्य असलहे बेचे गए।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 02 Mar 2021, 07:59 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. बिकरू कांड (Bikru Kand) के मुख्य आरोपी विकास दुबे (VikasDubey) और उसके गैंग (Vikas Dubey Gang) के जिन असलहों की खरीद (Aslaha Kahreed) फरोख्त की गई है, उसमें बसपा नेता सत्यवीर सिंह यादव (BSP Leader Satyaveer Singh) का नाम सामने आया है। बताया गया कि इस खरीद फरोख्त में सत्यवीर की मुख्य भूमिका रही है। ये असलहे उसके रिश्तेदारों और गुर्गों ने ही लिए हैं। यहां तक कि उन असलहों को इटावा-भिंड रोड (Etawah-Bhind Road) पर स्थित उसके रेस्टोरेंट दावत के पीछे ही टेस्ट किया गया था। सेमी आटोमेटिक राइफल व अन्य असलहों से फायर किए गए थे। जिसके निशान दीवार पर मौजूद हैं। इन सब कारणों से ही एसटीएफ (STF) ने सत्यवीर को भी आरोपी बनाया है। हालांकि दीपक दुबे की बेची गई सेमी आटोमेटिक राइफल अभी नहीं बरामद हो सकी है।

बताया गया कि झींझक निवासी संजय परिहार के जरिये दहशतगर्द के मददगारों ने असलहों की सौदेबाजी की। एसटीएफ के मुताबिक संजय ने इस संबंध में भिंड देहात (मध्य प्रदेश) निवासी सत्यवीर सिंह से मुलाकात की। सत्यवीर देहात भिंड विधानसभा सीट से तीन बार विधायक का चुनाव लड़ चुका है। इसी की मदद से तीन लाख रुपये में दीपक दुबे की सेमी आटोमेटिक राइफल व अन्य असलहे बेचे गए। लेकिन उसने सीधे कोई असलहा खुद न खरीदकर अपने परिचितों को दिलाएं।

अब दोबारा असलहों की डील हो रही थी। इस बार दाम कम करने की बात हो रही थी। इसी सिलसिले में सत्यवीर का रिश्तेदार मनीष यादव कानपुर आया। इस दौरान पनकी में शिव तिवारी की सेमी आटोमेटिक राइफल का एक लाख 70 हजार और डबल बैरल बंदूक का सौदा 30 हजार रुपये में हुआ। तभी एसटीएफ ने सभी को दबोच लिया। यही दो लाख की रकम एसटीएफ ने बरामद की है।

Arvind Kumar Verma
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