बिकरू कांड में 12 पुलिसकर्मी पाए गए दोषी, अब उच्चाधिकारी करेंगे दंड तय, कुछ पर हो सकती बर्खास्तगी की कार्रवाई

जांच करने के बाद 12 और पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं। उच्च अधिकारी इन पर दंड तय करेंगे।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 06 Apr 2021, 02:28 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. बिकरू कांड (Bikru Kand) में एक के बाद एक पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। जांच करने के बाद 12 और पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं। एडीसीपी (ADCP) शिवाजी शुक्ला ने इन सभी की जांच कर रिपोर्ट एडीजी जोन कानपुर (ADG Zone Kanpur Bhanu Bhaskar) भानु भास्कर को भेज दी है। वहीं दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच करने पर साक्ष्य नहीं मिले हैं। उच्च अधिकारी इन पर दंड तय करेंगे। दरअसल बिकरू कांड में शासन द्वारा गठित एसआईटी (SIT) द्वारा जांच में 50 से अधिक पुलिसकर्मी जांच में फंसे थे। इसमें से 15 पुलिसकर्मियों की जांच एडीसीपी शिवाजी शुक्ला को सौंपी गई थी। वहीं एक पुलिसकर्मी की मौत होने के चलते जांच अधिकारी ने 14 पुलिसकर्मियों की जांच की।

सूत्रों के मुताबिक जांच में 12 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। क्योंकि दो के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। दोषी पाए गए इन पुलिसकर्मियों पर विकास दुबे, जय बाजपेई व उनके गुर्गों के असलहों के लाइसेंस में सत्यापन रिपोर्ट पक्ष में लगाने, आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। बताया गया कि दंड मिलने के बाद अफसर इन सभी के नाम सार्वजनिक करेंगे। आपको बता दें कि एसआईटी ने पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी, दरोगा केके शर्मा, दरोगा अजहर इशरत, दरोगा कुंवर पाल सिंह, दरोगा विश्वनाथ मिश्रा, दरोगा अवनीश कुमार सिंह, सिपाही अभिषेक कुमार और सिपाही राजीव कुमार को वृहद दंड के तहत दोषी पाया था।

एडीसीपी साउथ दीपक भूकर इनकी विभागीय जांच कर रहे हैं। जांच अंतिम दौर में है। सूत्रों के मुताबिक जांच में इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। विकास दुबे के साथ सांठगांठ और दबिश की मुखबिरी करने की पुष्टि हुई है। सूत्रों ने बताया कि इनमें से कई पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा। लघु दंड के तहत दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों की जांच पूर्व डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने की। इसमें इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव, दरोगा दीवान सिंह, सिपाही लायक सिंह, सिपाही विकास कुमार, सिपाही कुंवर पाल सिंह दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।

Arvind Kumar Verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned