27 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भारत में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा शौचालय: पाठक

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का दावा है कि दुनिया का सबसे बड़ा शौचालय भारत में बन रहा है।
2 min read
Google source verification
Founder of Sulabh International Bindeshwar Pathak

Founder of Sulabh International Bindeshwar Pathak

कानपुर. सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का दावा है कि दुनिया का सबसे बड़ा शौचालय भारत में बन रहा है। उन्होंने बताया कि यह शौचालय महाराष्ट्र के पूना बॉर्डर के पास पंडारपुर में आधा बन गया है। उनके मुताबिक इस शौचालय में 2,858 सीटें हैं। आपको बता दें कि अभी तक यह रिकॉर्ड चीन के नाम है। चीन में 1000 सीट का शौचालय बना है। पाठक के मुताबिक यह शौचालय काम भी करने लगा है।

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक शुक्रवार को कानपुर के पहले ओडीएफ गांव ईश्वरीगंज में आयोजित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा शौचालय करीब-करीब आधा बन चुका है। इसका उपयोग भी लोग करने लगे हैं। इन शौचालय का इस्तेमाल करीब दो लाख लोग कर भी रहे हैं। उनका कहना है कि यह शौचालय जल्द ही पूरा बनकर तैयार हो जाएगा। पाठक का दावा है कि शौचालय पूरा बनकर तैयार होने के बाद हर रोज करीब चार लाख लोग इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। पाठक ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत का सपना जरूर साकार होगा।

सरकार को दिए हैं कई सुझाव
सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको एक पत्र लिखा है। प्रधानमंत्री की मंशा है कि 2 अक्टूबर 2019 तक भारत स्वच्छ अभियान का लक्ष्य पूरा कर ले। इस संबंध में प्रधानमंत्री ने सुझाव मांगे हैं। उनका कहना है कि एक शौचालय बनाने में 12 हजार रुपए के बजाय 25 हजार रुपए दिए जाए। इससे 10 फीसदी शौचालय के मॉनीटरिंग करने वाले को मिल जाएंगे। पांच फीसदी देख-रेख करने वाली कंपनी को मिल सकते हैं। इस संबंध में उन्होंने सरकार को यह सुझाव पहले ही दिया है कि हर गांव में एक लड़के को प्रशिक्षित कर शौचालय की देखभाल के लिए नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें यह भी शर्त होनी चाहिए कि एक साल में शौचालय खराब होने पर मुफ्त में बनाया जाए।