दिल्लगी नहीं करने पर बसपा नेता ने बीच सडक़ पर स्कूल प्रिंसिपल के कपड़े फाड़े

दिल्लगी नहीं करने पर बसपा नेता ने बीच सडक़ पर स्कूल प्रिंसिपल के कपड़े फाड़े

Alok Pandey | Publish: Aug, 09 2018 12:19:31 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

जब मायावती महिलाओं की सुरक्षा पर बोल रही थीं, उसी समय बसपा नेता ने महिला के कपड़े फाड़ दिए

कानपुर. महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हल्ला बहुत है, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल का नेता महिलाओं को लेकर गंभीर नहीं है। ताजा मामले में दिल नहीं बहलाने पर बसपा के क्षेत्रीय कद्दावर नेता ने स्कूल प्रिंसिपल के बीच बाजार में सडक़ पर कपड़े फाड़ दिए। स्कूल प्रिंसिपल ने गुहार लगाई तो कुछ लोगों ने उन्हें चादर देकर लाज बचाई। भीड़ जुटने पर बसपा नेता और उसके समर्थक भाग निकले। मामला शहर के चमनगंज में जुबली मुस्लिम गल्र्स इंटर कालेज से जुड़ा है। स्कूल प्रिंसिपल ने बसपा नेता अब्दुल हसीब समेत छह लोगों के खिलाफ छेड़छाड़, साजिश, गालीगलौज और धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।


इश्क का खुलासा होने पर खुद भी खुश होना चाहते थे बसपा नेता

दरअसल, यह मामला जुबली मुस्लिम गल्र्स इंटर कालेज में सत्ता के टकराव को लेकर है। कुछ दिन पहले ही स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रुबीना इकबाल और कानपुर में तैनात रहे शिक्षा विभाग के एक बड़े अफसर के प्रेम-प्रसंग का मामला सामने आया है। शहर में तैनाती के दौरान अफसर एक दिन अल्पसंख्यक गल्र्स स्कूल की जांच करने पहुंचे तो वहां की प्रिंसिपल के इश्क में उलझ गए थे। दोस्ती से शुरू हुआ अफसाना मोहब्बत के आगे तक बढ़ गया। जिंदगी साथ गुजारने का फैसला कर लिया था। अफसर अपनी जिम्मेदारियों को निबटाने के बाद दूसरी बीवी का दर्जा देना चाहते थे। इसी दरम्यान तबादला हो गया, लेकिन इश्क कमजोर नहीं हुआ। एक दिन अफसर के घर पर बीवी के नाम से एक पैकेट पहुंचा तो बीवी के पैरों तले जमीन सरक गई। पैकेट में पति की करतूतों की तमाम तस्वीरों के साथ-साथ बेहद आपत्तिजनक पोज थे। तस्वीरों को देखकर बीवी ने हंगामा किया, साथ ही राज्य के शिक्षा विभाग के बड़े अफसरों और स्कूल प्रबंधतंत्र को शिकायती पत्र के साथ-साथ तस्वीरों की पुलिंदा भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। चर्चा है कि अफसर की बीवी ने अपने पति और प्रिंसिपल की चैटिंग के स्क्रीन शॉट भी भेजे हैं। इस मामले की जांच जारी है। आरोप है कि इश्क प्रकरण के खुलासे के बाद बसपा नेता और स्कूल के प्रबंधन कमेटी के सदस्य और मुस्लिम एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल हसीब ने मामले को खत्म करने के लिए प्रिंसिपल के सामने नाजायज मांग रखी थी।


अकेले में मुलाकात करने के लिए घर बुलाता था बसपा नेता

चमनगंज थाने में दर्ज रिपोर्ट में स्कूल प्रिंसिपल डॉ. रुबीना इकबाल ने आरोप लगाया है कि विभिन्न मामलों में फंसाने की धमकी देकर अब्दुल हसीब उन्हें घर बुलाकर गलत काम के लिए कहते हैं। इंकार किया तो इस्तीफे का दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने अपनी बात को समाज के सामने रखने की चेतावनी दी तो बीच सडक़ पर कपड़े फाडक़र बेइज्जत कर दिया। उधर, स्कूल प्रबंध कमेटी का कहना है कि छात्र निधि में घालमेल के कारण प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया तो उन्होंने बेजा आरोप लगाकर बखेड़ा खड़ा कर दिया है। अफसर से रिश्तों के बारे में प्रबंध कमेटी ने निजी मामला बताकर बात करने से इंकार कर दिया है। अलबत्ता चर्चा है कि उक्त प्रकरण के कारण स्कूल की बदनामी हुई, इसीलिए प्रबंध कमेटी ने दूसरे आरोप में प्रिंसिपल को निलंबित करते हुए स्कूल परिसर में घुसने पर प्रतिबंध भी लगा दिया।


बाजार से गुजरते वक्त कपड़े फाड़े, दरवाजा खटखटाकर जान बचाई

बहरहाल, आरोपों पर यकीन करें तो अल-सुबह स्कूल जाते वक्त चमनगंज बाजार में कुछ नकाबपोशों ने डॉ. रुबीना इकबाल को रोक लिया और बदसलूकी करते हुए कपड़े फाड़ डाले। नकाबपोशों के इरादे कुछ और थे, लेकिन रुबीना आसपास के घरों के दरवाजे खटखटाते हुए जानकर बचाकर भागीं। आहट पर कुछ घरों से लोग बाहर निकले तो नकाबपोश भाग निकले। नकाबपोशों ने भागते वक्त धमकाया कि जो अब्दुल हसीब कह रहे हैं मान जाओ। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रिंसिपल की तहरीर पर बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके अब्दुल हसीब, उनके भाई मोहम्मद तारिक लतीफ, भांजे मोहम्मद सायम, बहनोई मोहम्मद असलम और दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है।

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