जिले का है ये डेंजर जोन, एक साल में शिकार हुये 72 लोग, इसलिए किया जा रहा ये इंतजाम

जिले का है ये डेंजर जोन, एक साल में शिकार हुये 72 लोग, इसलिए किया जा रहा ये इंतजाम

Arvind Kumar Verma | Updated: 09 May 2019, 11:40:50 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

एनएचएआई ने कस्बे के दोनों तरफ मकानों व दुकानों से 10 मीटर जगह और खाली करने के निर्देश दिए हैं।

कानपुर देहात-जिले के रनियां कस्बे से एनएच-2 हाइवे गुजरा है, जो एक बड़ा औधोगिक क्षेत्र भी है। लंबे अरसे से हाइवे की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं के चलते रनियां एक्सीडेंटल जोन बनकर रह गया है। जबकि जिलाधिकारी कानपुर देहात ने दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए हाइवे के अवैध कटों को बंद करा दिया था। एक वर्ष में यहां 72 मार्ग दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बीते माह में हाइवे की वजह से यहां बड़ी दुर्घटनाएं हुई। इसके चलते एनएचएआई ने रनियां से गुजरे हाइवे पर सिक्स लेन एलीवेटेड हाइवे और दोनों तरफ सर्विस लेन बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिससे दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हो सके। इसके लिए एनएचएआई ने कस्बे के दोनों तरफ मकानों व दुकानों से 10 मीटर जगह और खाली करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए चिन्हित कर दुकानों व मकानों में निशान भी लगा दिए गए हैं।

 

प्रशासन ने चुनाव के बाद दिया आश्वासन

बताया जा रहा है कि एलीवेटेड हाईवे पूरे कस्बे को पार करेगा। इस प्रोजेक्ट पर 122 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है। एलीवेटेड हाइवे के समानांतर कस्बे के दोनों तरफ लोगों के लिए सर्विस लेन देन का प्रावधान है। इसी के तहत एजेंसी ने कस्बे की हर इमारत पर 9.3 से लेकर 10 मीटर तक जगह खाली करने के निशान लगा दिए हैं। इसकी जानकारी एजेंसी ने जिला प्रशासन कानपुर देहात को भी दे दी है। हालांकि प्रशासन ने चुनाव बाद जगह खाली कराने का आश्वासन दिया है। जगह खाली होने के बाद एनएचएआई शासन से मंजूरी के लिए भेजने का प्रस्ताव किया है।

 

इस वजह से एलीवेटेड हाइवे का लिया फैसला

दरअसल एनएच-2 हाइवे जिले के रनियां कस्बे से निकला है। बीते 3 सालों में यहां दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। यहां दोनों तरफ हाईवे ऊपर नीचे भी हैं। हादसे होने का यह भी एक कारण है। ज्ञात हो कि तीन माह पहले एक तेज रफ्तार ट्रक कोहली इमारत में घुस गया था, जिसमे एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी। वहीं कुछ दिन बाद ही स्कूटी पर सवार दो सहेलियों की ट्रक के नीचे आकर मौत हो गयी थी। इन्हों कारणों से एलीवेटेड हाईवे का प्रस्ताव बनाया गया, जिससे इन दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हो सके।

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