केस्को स्टोर की जांच होगी अब एसआईटी के हाथों में

केस्को स्टोर की जांच होगी अब एसआईटी के हाथों में

Alok Pandey | Publish: Sep, 03 2018 02:45:37 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

केस्को स्टोर की जांच के लिए यूपीपीसीएल ने स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम गठित कर दी है. मुख्य महाप्रबन्धक सम्प्रेषण की अध्यक्षता वाली इस एसआईटी में एसपी विजिलेंस, मध्यांचल के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और यूपीपीसीएल के प्रभारी संयुक्त सचिव शामिल हैं.

कानपुर। केस्को स्टोर की जांच के लिए यूपीपीसीएल ने स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम गठित कर दी है. मुख्य महाप्रबन्धक सम्प्रेषण की अध्यक्षता वाली इस एसआईटी में एसपी विजिलेंस, मध्यांचल के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और यूपीपीसीएल के प्रभारी संयुक्त सचिव शामिल हैं. अगले हफ्ते एसआईटी के सिटी आकर केस्को के स्टोर्स की जांच शुरू करने की किए जाने की संभवना जताई जा रही है.

केस्को के उपकरण के मिले सबूत
कुछ समय पहले एटीएफ ने दिल्ली, पनकी और नौबस्ता में छापेमारी कर करोड़ों के बिजली उपकरण बरामद किए थे. दिल्ली में बरामद हुए उपकरणों में केस्को के उपकरण भी शामिल हुए थे. इस खुलासे से केस्को के स्टोर और पर्चेज से जुड़े ऑफिसर्स में अफरातफरी मची हुई है. वहीं बताया गया है कि अगले हफ्ते एसआईटी के सिटी आकर केस्को के स्टोर्स की जांच शुरू करने की संभवना जताई जा रही है. अब देखना ये है कि ये संभावना कब तक पूरी होगी.

शुरू करा दिया ऑडिट
केस्को एमडी ने भी इस मामले के बाद केस्को के स्टोर्स का ऑडिट शुरू करा दिया है. इस ऑडिट में स्टोर व पर्चेज के इम्‍प्‍लॉइज़ के बजाए 7 एकाउंट ऑफिसर लगाए गए हैं. ये आरपीएच, बिजलीघर, मालवीय, केसा कालोनी, नौबस्ता सहित सभी स्टोर की जांच करेंगे. इन सबकी जांच के बाद अगला कदम उठाया जाएगा.

छापेमारी होगी शुरू
वहीं दूसरी ओर शासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यूपीपीसीएल की एमडी अपर्णा यू ने केस्को स्टोर्स की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम बना दी है. इसमें मुख्य महाप्रबन्धक सम्प्रेषण पीएन सहाय, एसपी विजिलेंस केपी यादव, मध्यांचल के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर चन्द्रवीर सिंह गौतम और प्रभारी संयुक्त सचिव राजेश कुमार को शामिल हैं.

ऐसा बताया यूपीपीसीएल सोर्सेज ने
यूपीपीसीएल सोर्सेज के मुताबिक यह टीम अगले सप्ताह किसी भी दिन के केस्को के स्टोर्स में छापेमारी कर सकती है. केस्को के स्टोर में बिजली उपकरणों की भरमार है. स्टोर में बेकार हो चुके नए उपकरण तक पड़े-पड़े सड़ रहे हैं. इनका प्रॉपर लेखा-जोखा नहीं है. इन सबकी भी जांच होने की पूरी आशंका है.

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