जूही कलां की 10 एकड़ जमीन पर बनने हैं पीएमएवाई के फ्लैट, अभी तक नहीं आए टेंडर

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 194 करोड़ रुपये से जूही में 448 फ्लैट बनाने के प्रोजेक्ट को लेकर केडीए को जोर का झटका लगा है.

By: आलोक पाण्डेय

Published: 20 Jul 2018, 12:33 PM IST

कानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 194 करोड़ रुपये से जूही में 448 फ्लैट बनाने के प्रोजेक्ट को लेकर केडीए को जोर का झटका लगा है. प्री बिड मीटिंग में केवल दो डेवलपर्स शामिल हुए हैं. इससे केडीए ने ई टेंडर की समय सीमा बढ़ाने या फिर दोबारा से टेंडर कॉल करने की तैयारी शुरू कर दी है.

25 एकड़ जमीन चुनी थी
प्रधानमंत्री आवास योजना के इनसीटू कम्पोनेंट के लिए केडीए ने जूही कलां की 25 एकड़ जमीन चुनी थी. इसमें से करीब 10 एकड़ जमीन पर 448 फ्लैट बनाए जाने है. यह फ्लैट इस जमीन पर अवैध रूप से बसे लोगों को ही उपलब्ध कराए जाने हैं. इसके अलावा शेष बची लगभग 15 एकड़ जमीन पर कामार्शियल कॉम्प्लेक्स, ग्र्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए डेवलप कर बेची जानी है. इसके लिए केडीए ने ई टेंडर भी किए. पर दो बिड आने से केडीए को झटका लगा है. केडीए वीसी सौम्या अग्र्रवाल ने बताया कि तीन टेंडर नहीं आए. इसकी वजह से 15 दिन का समय और बढ़ाया जाएगा.

बढ़ाई समस्या
इंटीग्र्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अन्र्तगत हो रहे चालानों में से केवल रेड लाइट वॉयलेशन ही घरों तक भेजे जा सके थे. अन्य सभी चालानों को वाहन स्वामियों के यहां भेजने के फाइनेंशियल प्रॉब्लम अभी तक हल नहीं हुई है. इस मामले को थर्सडे को एसपी ट्रैफिक सुशील कुमार केडीए वीसी सौम्या अग्रवाल से मिले. केडीए वीसी ने बताया कि फूलबाग, मोतीझील, घंटाघर, केडीए क्रिस्टल परेड, कैनाल पटरी सहित 6 स्थानों में एलईडी वॉल से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा आईटीएमएस को दिया जाएगा. एलईडी वॉल संचालन के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे. पर ऑनलाइन की जगह ऑफ लाइन आवेदन ही आए हैं. इसी वजह से देरी हो रही है.

भेज दी गई रिपोर्ट
सत्ताधारी दल के एक नेता की शिकायत पर केडीए ने जूही व किदवई नगर के 5 प्लाट के एलॉटमेंट की जांच पूरी कर ली है. इसमें फर्जी कागजातों के जरिए प्लाट आवंटित पाए गए. केडीए ने इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है. जांच रिपोर्ट में केडीए के चार बाबुओं सहित दो ऑफिसर्स के दोषी पाए जाने की चर्चा है. इनके नाम केके गुप्ता, महेश गुप्ता, प्रेम सिंह राठौर, स्वर्गीय श्याम मोहन श्रीवास्तव बताए जा रहे हैं.

मांगा गया है अभिमत
कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर शासन ने प्राधिकरण ऑफिसर्स से कमेंट्स मांगे हैं. इसमें खासतौर पर मेट्रो को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप या अन्य किसी मोड पर चलाने का अभिमत मांगा गया है. केडीए वीसी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही केडीए का अभिमत शासन को भेजा जाएगा.

आलोक पाण्डेय
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